शुरू होगा पाबंदियों का दौर! देश में ओमिक्रॉन संक्रमितों का आंकड़ा 200 पार; केंद्र ने राज्यों को दी नाइट कर्फ्यू लगाने की छूट

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नई दिल्ली। देश में कोरोना के नए ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. भारत में ओमिक्रॉन संक्रमितों का आंकड़ा 200 के पार पहुंच गया है. ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकारें भी अलर्ट हो गई हैं. क्रिसमस और नए साल को देखते हुए राज्य सरकारों की तरफ से कई तरह की पाबंदियों का ऐलान भी किया जा रहा है. इन सबके बीच केंद्र सरकार ने एक बार फिर राज्यों को ओमिक्रॉन को लेकर अलर्ट किया है. केंद्र ने राज्यों को आगाह करते हुए कहा कि कोरोना से सबसे ज्यादा घातक साबित हुए डेल्टा वेरिएंट (Delta Variant) के मुकाबले ओमिक्रॉन कम से कम तीन गुना ज्यादा संक्रामक है. केंद्र ने राज्यों को ओमिक्रॉन के प्रति आगाह करते हुए इससे रोकथाम के उपाय करने को कहा है.

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को इस बाबत खत लिखा है. राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लिखे पत्र में, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने परीक्षण और निगरानी बढ़ाने के अलावा नाइट कर्फ्यू (Night Curfew) लगाने, बड़ी सभाओं का सख्त नियमन, शादियों और अंतिम संस्कार कार्यक्रमों में लोगों की संख्या कम करने जैसे रणनीतिक निर्णय को लागू करने की सलाह दी.

पत्र में उन उपायों पर प्रकाश डाला गया है, जिन्हें देश के विभिन्न हिस्सों में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के शुरुआती संकेतों के साथ-साथ चिंता बढ़ाने वाले स्वरूप ओमिक्रॉन का पता लगाने के लिए उठाए जाने की आवश्यकता है. पत्र में कहा गया है, ‘जिला स्तर पर कोविड-19 से प्रभावित जनसंख्या, भौगोलिक प्रसार, अस्पताल के बुनियादी ढांचे और इसके उपयोग, श्रमशक्ति, निषिद्ध क्षेत्र अधिसूचित करने, निषिद्ध क्षेत्रों की परिधि लागू करने आदि के संबंध में उभरते आंकड़ों की निरंतर समीक्षा होनी चाहिए. यह साक्ष्य जिला स्तर पर ही प्रभावी निर्णय लेने का आधार होना चाहिए.’

भूषण ने पत्र में कहा, ‘इस तरह की रणनीति यह सुनिश्चित करती है कि संक्रमण राज्य के अन्य हिस्सों में फैलने से पहले स्थानीय स्तर पर ही नियंत्रित हो जाए.’ उन्होंने कहा, ‘कृपया वार रूम/ईओसी (आपातकालीन संचालन केंद्र) को सक्रिय करें और सभी स्थिति तथा वृद्धि का विश्लेषण करते रहें, चाहे वह कितनी भी छोटी क्यों न हो और जिला/स्थानीय स्तर पर सक्रिय कार्रवाई करें. क्षेत्र के अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा और इस संबंध में सक्रिय कार्रवाई निश्चित रूप से संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करेगी.’

भूषण ने कहा कि कोविड पॉज़िटिव मामलों के सभी नए समूहों के मामले में, ‘निषिद्ध क्षेत्र’, ‘बफ़र ज़ोन’ की त्वरित अधिसूचना की जानी चाहिए और मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार निषिद्ध क्षेत्र की परिधि पर सख्त नियंत्रण सुनिश्चित किया जाना चाहिए. भूषण ने रेखांकित किया कि सभी क्लस्टर नमूनों को जीनोम अनुक्रमण के लिए इंसाकॉग प्रयोगशालाओं को बिना किसी देरी के भेजा जाना चाहिए. पत्र में अन्य कदमों और कार्रवाइयों का भी जिक्र किया गया है.

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