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SOREN vs GOVERNOR (BREAKING) : सीएम सोरेन का राज्यपाल पर गंभीर आरोप, ED को लिखा 3 पन्नों का पत्र, छत्तीसगढ़ पहुंची झारखंड की आंच

SOREN vs GOVERNOR (BREAKING): CM Soren’s serious allegation on the Governor, 3-page letter written to ED, Jharkhand’s heat reached Chhattisgarh

डेस्क। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय पहुंच गये हैं. उन्होंने तीन पन्ने का पत्र ईडी को लिखा है, जिसमें अपना पक्ष रखा है. हिनू स्थित ईडी कार्यालय के लिए रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री आवास में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. उन्होंने केंद्र सरकार और राज्यपाल पर गंभीर आरोप लगाये. कहा कि लोकतांत्रिक रूप से चुनी गयी उनकी सरकार को अस्थिर करने की साजिश की जा रही है.

ईडी ऑफिस के बाहर सुरक्षा कड़ी की गयी

मुख्यमंत्री के ईडी ऑफिस आने से पहले केंद्रीय जांच एजेंसी के कार्यालय के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गयी थी. रांची के उपायुक्त, एसपी और सिटी एसपी ने खुद ईडी ऑफिस पहुंचकर सुरक्षा का जायजा लिया. राजनीतिक दलों की ओर से धरना-प्रदर्शन किये जाने की गुप्त सूचना के बाद प्रशासन ने हिनू चौक से एयरपोर्ट तक निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि अवैध खनन मामले में पूछताछ के लिए मुझे ईडी ने बुलाया है. मैंने ईडी को पत्र भेजा है. 1,000 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. साल में पूरे राज्य में स्टोन चिप्स से 1,000 रुपये की आमदनी नहीं होती. इसका आधार कैसे बना, ये समझ से परे है. उन्होंने कहा कि 1,000 करोड़ रुपये का घोटाला करने के लिए कितने करोड़ का खनन हुआ होगा, उसका ट्रांपोर्टेशन कैसे हुआ.

ईडी के आरोपों में नहीं है दम

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो साल को अगर हम देखें, तो जो आरोप केंद्रीय एजेंसियों ने लगाये हैं, वो कहीं से संभव प्रतीत नहीं होते. कहीं न कहीं एजेंसियों को विस्तृत जांच-पड़ताल के बाद ही किसी ठोस निर्णय पर पहुंचना चाहिए था या ठोस आरोप लगाना चाहिए था. मैं एक राज्य का मुख्यमंत्री हूं. लोकतांत्रिक रूप से चुना हुए सीएम हूं. ऐसा लगता है कि मैं देश छोड़कर भाग रहा हूं. व्यापारियों को छोड़कर आज तक के इतिहास में कोई राजनीतिक नेता देश छोड़कर नहीं भागा.

राज्यपाल बम-पटाखे फोड़ने की बात करते हैं: हेमंत सोरेन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आशंका जतायी कि कार्यपालिका निरंकुश हो सकती है. हेमंत सोरेन ने कहा कि उन्हें लगता है कि उनकी सरकार को अस्थिर करने की साजिश की जा रही है. उन्होंने राज्यपाल पर भी गंभीर आरोप लगाये. कहा कि राज्यपाल प्रदेश में बम और पटाखे फोड़ने की बात करते हैं. ऐसा लगता है कि राज्यपाल भी विपक्ष के हाथों में खेल रहे हैं.

राज्यपाल किसी समय का कर रहे थे इंतजार

उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने अब तक लिफाफा को नहीं खोला. मुझे लगता है कि वो भी किसी समय का इंतजार कर रहे थे. हेमंत सोरेन ने कहा कि चुनाव आयोग से राज्यपाल ने दूसरा मंतव्य मांगा है, जो पूरी तरह से असंवैधानिक है. इस संबंध में जब उन्होंने चुनाव आयोग से जानकारी मांगी, तो बताया गया कि राज्यपाल ने कोई मंतव्य नहीं मांगा है.

राजनीति से प्रेरित है ईडी का समन

हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्यपाल राज्य में पटाखे-बम फोड़ने की बात करते हैं. उनके बयान के बाद ईडी का समन आ जाता है. इसके बाद सत्ता पक्ष के विधायकों पर छापामारी शुरू हो जाती है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. मुझे जो खबर मिल रही है, कई और सत्ताधारी विधायकों पर छापामारी होगी. यह कहीं न कहीं राज्यपाल भी राजनीति से प्रेरित प्रतीत हो रहे हैं.

ईडी से पूछेंगे हेमंत सोरेन, कार्रवाई की वजह क्या है

हेमंत सोरेन ने कहा कि उनके ऊपर लगे सभी आरोप निराधार हैं. वह ईडी से पूछेंगे कि उनके खिलाफ इस कार्रवाई की वजह क्या है. कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में राजस्व की उगाही में तेजी आयी है, जबकि पिछली सरकार में न रेवेन्यू कलेक्शन हो रहा था, न ही किसी मामले में कार्रवाई होती थी. आज हमारी सरकार जिस तरह से काम कर रही है, उससे विपक्ष को यह एहसास हो गया है कि वह पूरी तरह से हाशिये पर जा चुका है.

…तो गिट्टी-बालू को मेजर मिनरल में शामिल करे भारत सरकार

हेमंत सोरेन ने कहा कि देश के लोकतंत्र का सम्मान होना चाहिए. लोकतंत्र में काम करने वाले लोगों को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए. मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूं. पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि आज मैं ईडी के कार्यालय में जा रहा हूं. इस बात पर निश्चित रूपसे जोर दूंगा कि इस कार्रवाई की वजह क्या है. आज गिट्टी-बालू देश का सबसे बड़ी रेवेन्यू व्यवस्था है, तो मैं कह रहा हूं कि गिट्टी-बालू, पत्थर-चिप्स को भारत सरकार मेजर मिनरल में शामिल कर दे. कोयला, लोहा को माइनर मिनरल बता कर उसे राज्य सरकार के हवाले कर दे.

R.O. No. 12237/11

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