CG VIDHANSBHA : Navya Malik’s name missing from the list
रायपुर। गुरुवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गृहमंत्री विजय शर्मा से पिछले 12 महीनों में पकड़े गए अंतर्राज्यीय ड्रग तस्करों की सूची मांगी। मंत्री द्वारा 282 प्रकरणों से जुड़ी जानकारी सदन में रखी गई, लेकिन चर्चित रायपुर ड्रग्स केस की आरोपी नाव्या मलिक का नाम सूची में शामिल नहीं था।
इस पर बघेल ने सवाल उठाते हुए पूछा कि जब मामला सरकार की जानकारी में है तो सूची में नाव्या का नाम क्यों नहीं है? उन्होंने उसके कथित विदेश कनेक्शन, विदेश यात्राओं और सहयोगियों को लेकर भी जवाब मांगा।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने सदन में विस्तृत जवाब देने की बात कही। बाद में मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि अंतर्राज्यीय तस्कर वही होगा जिसका नाम दो राज्यों में दर्ज हो। नाव्या मलिक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई हुई थी और वह तीन महीने जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर है।
चार्जशीट में 9 आरोपी, ‘ग्लोरी टू बी गॉड’ का रहस्यमय जिक्र
मामले में पुलिस ने कुल 9 लोगों को आरोपी बनाया है और ट्रायल शुरू हो चुका है। चार्जशीट में एक और शख्स का जिक्र ‘ग्लोरी टू बी गॉड’ नाम से कई बार किया गया है, जिसकी पहचान स्पष्ट नहीं की गई है।
जांच के दौरान बड़ा खुलासा यह हुआ कि पूरा गिरोह पुलिस के हत्थे इसलिए चढ़ा क्योंकि नाव्या मलिक के मंगेतर अयान परवेज उससे दूरी बनाना चाहते थे। आरोप है कि अयान ने अपने सहयोगियों के जरिए दिल्ली से रायपुर आ रहे ड्रग्स पार्सल की सूचना पुलिस तक पहुंचाई।
ऐसे खुला पूरा नेटवर्क
23 अगस्त की शाम पुलिस को सूचना मिली कि दिल्ली से ड्रग्स की खेप रायपुर पहुंची है। सूचना के आधार पर देवेन्द्र नगर चौक के पास रेलवे ओवरब्रिज के नीचे खड़ी सफेद सोनेट कार से मोनू बिश्नोई (दिल्ली), हर्ष आहूजा और दीप धनोरिया को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 27.58 ग्राम एमडीएमए जब्त की गई।
पूछताछ में सामने आया कि तीनों को आपस में जोड़ने का काम नाव्या मलिक ने किया था। दिल्ली से ड्रग्स मंगवाने, पैसे पहुंचाने और डिलीवरी लेने तक की पूरी कड़ी में उसके निर्देश थे।
पुलिस ने बाद में नाव्या मलिक, अयान परवेज, जुनैद अख्तर, सोहेल खान, विधि अग्रवाल और ऋषि टंडन सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया।
रसूखदारों के नाम गायब?
चार्जशीट में केवल 9 आरोपियों का जिक्र है। हालांकि जांच के दौरान कुछ प्रभावशाली लोगों की चर्चा भी हुई थी, लेकिन दस्तावेजों में उनका उल्लेख नहीं है। विदेश यात्राओं और कथित कनेक्शन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल मामला कोर्ट में विचाराधीन है और ट्रायल जारी है। विधानसभा में उठे सवालों के बाद यह केस एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

