PURAN KUMAR SUICIDE : IPS अधिकारी की आत्महत्या से हड़कंप, 9 पन्नों के सुसाइड नोट में 15 अफसरों पर गंभीर आरोप

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PURAN KUMAR SUICIDE : IPS officer’s suicide creates stir, 9-page suicide note makes serious allegations against 15 officers

चंडीगढ़, 9 अक्टूबर 2025। हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या ने राज्य की ब्यूरोक्रेसी को हिला कर रख दिया है। उन्होंने खुद को गोली मारने से पहले 9 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें कई वरिष्ठ आईपीएस और आईएएस अधिकारियों पर उत्पीड़न, जातिगत भेदभाव और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

सूत्रों के अनुसार, सुसाइड नोट में 15 अफसरों के नाम दर्ज हैं, जिनमें कुछ सेवा में हैं तो कुछ रिटायर हो चुके हैं। पूरन कुमार ने लिखा कि उन्हें लगातार जाति के आधार पर भेदभाव, अपमान और झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की गई।

घटनाक्रम

7 अक्टूबर (मंगलवार) को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित सरकारी आवास में पूरन कुमार ने खुद को गोली मार ली। पुलिस को मौके से विस्तृत सुसाइड नोट मिला है। पहले आठ पन्नों में उन्होंने अपने वर्षों के उत्पीड़न का वर्णन किया है, जबकि आखिरी पन्ने में उन्होंने अपनी संपत्ति पत्नी अमनीत पी. कुमार के नाम कर दी है, जो वर्तमान में हरियाणा सरकार में कमिश्नर और सेक्रेटरी (विदेश सहयोग विभाग) हैं।

घटना के वक्त अमनीत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ जापान दौरे पर थीं।

नामजद अधिकारी

सुसाइड नोट में जिन वरिष्ठ अफसरों के नाम हैं, उनमें प्रमुख हैं । मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, डीजीपी शत्रुजीत कपूर, पूर्व मुख्य सचिव टी.वी.एस.एन. प्रसाद, पूर्व एसीएस (गृह) राजीव अरोड़ा, पूर्व डीजीपी मनोज यादव और पी.के. अग्रवाल।

इसके अलावा 9 आईपीएस अफसरों के नाम भी हैं। अमिताभ ढिल्लों, संदीप खिरवार, संजय कुमार, कला रामचंद्रन, माता रवि किरण, शिव कविराज, पंकज नैन, कुलविंदर सिंह और एसपी रोहतक नरेंद्र बिजरानिया।

डीजीपी और एसपी पर सीधे आरोप

नोट के अंतिम हिस्से में पूरन कुमार ने हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और एसपी नरेंद्र बिजरानिया को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने लिखा “डीजीपी मेरी गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए बिजरानिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। मेरी शिकायतों को जानबूझकर अनदेखा किया गया। मैं अब जातिगत उत्पीड़न, मानसिक पीड़ा और सामाजिक बहिष्कार को सहन नहीं कर सकता।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें ऐसे पदों पर पोस्ट किया गया जो वास्तव में मौजूद ही नहीं थे, उनके आवेदन और शिकायतें दबाई गईं, और उन्हें मरते हुए पिता से मिलने तक छुट्टी नहीं दी गई।

पत्नी ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

इस पूरे घटनाक्रम पर मृतक की पत्नी आईएएस अमनीत पी. कुमार ने तीखी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा “मेरे पति ने जिन-जिन अधिकारियों का नाम लिया है, मैं उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करवाकर रहूंगी।”

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