Nepal Floods: 160 dead, over 700 missing; alert issued for UP and Bihar too!
NEPAL FLOODS: नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ ने कुछ ही घंटों में बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी. नेपाल में सेना, पुलिस और अन्य राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान चला रही हैं. हालांकि पहाड़ी क्षेत्र में खराब हालात, तेज बहाव, मलबे और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण राहत टीमों के सामने बड़ी चुनौती है. कुछ इलाकों में हेलीकॉप्टरों की पहुंच भी मुश्किल बनी हुई है.
नेपाल के साथ चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी इस आपदा का असर देखने को मिला है. शुरुआती आकलनों के मुताबिक, यह तबाही बर्फ और चट्टानों के बड़े हिस्से के खिसकने से पैदा हुए फ्लैश फ्लड से जुड़ी है.
बाढ़ का पानी आगे गांडक नदी तंत्र में पहुंचने की आशंका को देखते हुए बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में प्रशासन और राहत एजेंसियों को अलर्ट किया गया है. केंद्र सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बात कर स्थिति की जानकारी ली और सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए. दोनों राज्यों में प्रशासन संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लगातार निगरानी कर रहा है.
नेपाल और चीन में आई इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 160 लोगों की मौत की खबर है. नेपाल में 157 और चीन के तिब्बत क्षेत्र में 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. वहीं सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं.
लापता लोगों में भारतीय नागरिक और कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालु भी शामिल हैं. नेपाल के प्रभावित इलाकों में कई विदेशी पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के भी फंसे या लापता होने की सूचना है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से फोन पर बातचीत कर बाढ़ में हुई जनहानि पर संवेदना व्यक्त की. पीएम मोदी ने कहा कि मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल के साथ खड़े हैं और भारत नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है.
भारत ने शुरुआती सहायता में अस्थायी आश्रय, कंबल, सोलर लैंप और जरूरी दवाइयां शामिल हैं, ताकि आपदा से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत दी जा सके.
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और संभावित दूसरी बाढ़ या भूस्खलन के खतरे से लोगों को बचाना है. अधिकारियों ने नदी किनारे और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है.
