MSCB SCAM CASE : Clean chit in Rs 25,000 crore case!
रायपुर डेस्क। महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक से जुड़े कथित 25 हजार करोड़ रुपये के घोटाले में बड़ा फैसला आया है। मुंबई की विशेष अदालत ने पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली है।
इस फैसले से दिवंगत पूर्व उपमुख्यमंत्री Ajit Pawar, उनकी पत्नी और वर्तमान महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री Sunetra Pawar समेत 70 से अधिक लोगों को बड़ी राहत मिल गई है।
EOW ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान कोई आपराधिक अपराध सामने नहीं आया। लोन स्वीकृति और वसूली प्रक्रिया में कोई अनियमितता नहीं पाई गई। अदालत ने सामाजिक कार्यकर्ता Anna Hazare और अन्य द्वारा दायर प्रोटेस्ट पिटीशन भी खारिज कर दी। स्पेशल जज महेश जाधव ने यह आदेश सुनाया।
मामला 2007 से 2017 के बीच जिला सहकारी बैंकों और Maharashtra State Cooperative Bank द्वारा चीनी मिलों और स्पिनिंग मिलों को दिए गए लोन से जुड़ा था। आरोप था कि नियमों की अनदेखी कर भारी नुकसान पहुंचाया गया। 2019 में Bombay High Court के निर्देश पर जांच शुरू हुई थी।
EOW पहले भी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर चुकी थी, लेकिन सरकार बदलने के बाद मामला फिर चर्चा में आया। अब अदालत द्वारा रिपोर्ट स्वीकार किए जाने के साथ इस केस को कानूनी तौर पर बड़ा झटका लगा है।
यह फैसला अजित पवार की बारामती में विमान दुर्घटना में मौत के करीब एक महीने बाद आया है, जिससे राजनीतिक हलकों में इस निर्णय की टाइमिंग पर भी चर्चा शुरू हो गई है।

