LOK SABHA HUNGAMA : Bill to change the name of MNREGA introduced, huge uproar in Lok Sabha
नई दिल्ली। ग्रामीण विकास और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM-G बिल पेश कर दिया है। इस बिल के जरिए मनरेगा (MGNREGA) का नाम बदले जाने का प्रस्ताव है। योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने को लेकर कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने तीखा विरोध किया, जिसके चलते लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ। हालात बिगड़ते देख स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
बिल पेश करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “महात्मा गांधी हमारे दिलों में बसते हैं। उनका सपना था कि समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति का कल्याण पहले हो। हमने यूपीए सरकार से चार गुना ज्यादा बजट मनरेगा पर खर्च किया है।” उन्होंने कहा कि सरकार 100 दिन की बजाय अब 125 दिन रोजगार की गारंटी देने की दिशा में काम कर रही है और इसके लिए 1.51 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रावधान किया गया है।
शिवराज ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि जब जवाहर रोजगार योजना का नाम बदला गया था, तब क्या नेहरू जी का अपमान हुआ था? उन्होंने दावा किया कि यह बिल गरीबों के सम्मान और गांधी जी के सपनों को साकार करने की दिशा में है।
विपक्ष का तीखा विरोध
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि हर योजना का नाम बदलने की “सनक” समझ से परे है। उन्होंने मांग की कि बिना चर्चा और सलाह के इस बिल को पास न किया जाए और इसे स्थायी समिति के पास भेजा जाए। प्रियंका ने कहा कि महात्मा गांधी किसी एक परिवार के नहीं, बल्कि पूरे देश की आत्मा हैं।
वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी बिल पर आपत्ति जताते हुए कहा कि महात्मा गांधी का नाम हटाना गलत है। उन्होंने टिप्पणी की “राम के नाम को बदनाम मत कीजिए।”
इससे पहले पास हुए दो अहम बिल
शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा ने सोमवार को दो अहम विधेयक पास किए थे। पहला हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया (HECI) बिल, जिसके जरिए यूजीसी की जगह नया आयोग बनाया जाएगा। दूसरा एटॉमिक एनर्जी बिल, जिससे परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में नियमों को सरल बनाने और रिसर्च को बढ़ावा देने का रास्ता खुलेगा।
सरकार का कहना है कि ये सभी कदम शिक्षा, ऊर्जा और रोजगार के क्षेत्र में बड़े सुधार लाने के लिए उठाए जा रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे राजनीति से प्रेरित फैसला बता रहा है।

