महंत नरेंद्र गिरि की मौत हत्या या आत्महत्या? शक की सुई तीन शिष्यों पर, सुसाइड नोट में मिले इनपुट के आधार पर इन्हें लिया गया हिरासत में

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नई दिल्ली। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के मौत की गुत्थी अभी पूरी तरह नहीं सुलझ पाई है। नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच पुलिस हर एंगल से कर रही है। बता दें कि नरेंद्र गिरी का शव बाघंबरी मठ में फंदे से लटका हुआ पाया गया। घटना के बाद पुलिस की एक टीम को जांच का जिम्मा सौंपा गया है।

महंत नरेंद्र गिरि देश के बड़े संतों में से एक हैं। साथ ही उनके दुनियाभर में लाखों अनुयायी भी हैं। जिस वजह से पुलिस के ऊपर जनता के सामने सच्चाई लाने का दबाव बढ़ गया है। घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी संजय खत्री, आईजी केपी सिंह, डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। फिलहाल मठ को पुलिस ने कब्जे में लेकर सील कर दिया है। बिना प्रशासन के आदेश वहां पर किसी को भी जाने की अनुमति नहीं है।

वहीं, इस मामले को जब पुलिस ने सुसाइड मानकर जांच शुरू की, तो उन्हें महंत के कमरे में एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। जिसमें उनके शिष्य आनंद गिरि का जिक्र था। इस पर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत हरिद्वार में आनंद गिरि को हिरासत में ले लिया। आनंद गिरी के साथ ही पुलिस उनके दो अन्य शिष्यों प्रयागराज लेटे हनुमान मंदिर के पुजारी और उनके बेटे को भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

वहीं, खबर है कि इस बीच शिष्य आनंद गिरि के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह एफआईआर बाघम्बरी मठ के सेवादार अमर गिरि ने जॉर्ज टाउन थाने में कराई है। जानकारी के मुताबिक धारा 306 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।

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