KOLKATA HIGH COURT: Major relief for Abhishek Banerjee; High Court displeased with repeated FIRs!
KOLKATA HIGH COURT: कलकत्ता हाई कोर्ट ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी को को 30 नवंबर तक गिरफ्तारी से राहत दी है।
पुलिस जांच के सिलसिले में उन्हें नोटिस जारी कर सकती है। कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ बार-बार प्राथमिकी दर्ज किए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसा जारी रहा तो आगे और कड़े निर्देश देने पड़ सकते हैं।
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा, बहुत हुआ, अब और नहीं। अदालत ने इस मामले में शुभेंदु अधिकारी को मिली राहत का भी उदाहरण दिया।
डायमंड हार्बर में अभिषेक की ओर से आयोजित सेबाश्रय स्वास्थ्य शिविर में नियमों का पालन नहीं करने और मरीजों के गलत इलाज के आरोप लगाए गए हैं। भाजपा नेता अभिजीत दास ने जुलाई में विष्णुपुर थाने में शिकायत की थी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने सवाल किया कि गलत इलाज की शिकायत करने वाले मरीज या उसके परिवार ने राज्य चिकित्सा परिषद, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अथवा उपभोक्ता संरक्षण विभाग जैसे सक्षम प्राधिकारों के समक्ष शिकायत की थी या नहीं।
अदालत ने कहा कि गलत इलाज की जांच के लिए सक्षम संस्थाएं मौजूद हैं। ऐसे में सीधे अभिषेक को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत क्यों है। अदालत ने यह भी कहा कि अभिषेक स्वयं किसी मरीज का इलाज नहीं कर रहे थे।
अदालत ने कहा कि पुलिस जांच जारी रख सकती है और आरोपों की सच्चाई जांच से सामने आएगी। फिलहाल हिरासत में पूछताछ की जरूरत नहीं है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि शुभेंदु के खिलाफ लगातार प्राथमिकी दर्ज किए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने पहले निर्देश दिया था कि अदालत की अनुमति के बिना उनके खिलाफ नई प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकती। अभिषेक के मामले में भी अदालत ने संकेत दिया कि शिकायतों का सिलसिला जारी रहा तो इसी तरह का व्यापक आदेश दिया जा सकता है।
