CHHATTISGARH : Decision in 3 months, otherwise action!
रायपुर। छत्तीसगढ़ के वन विभाग में सालों से धूल खा रही विभागीय जांच फाइलों पर अब बड़ा एक्शन होने वाला है। वन मंत्री केदार कश्यप ने साफ कह दिया है कि पुराने सभी जांच प्रकरण अगले 3 महीने के भीतर निपटाए जाएं, नहीं तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और कार्रवाई भी होगी।
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मंत्री ने कहा कि कई मामलों में जांच प्रस्ताव 4-5 साल बाद भेजे जाते हैं, जबकि कुछ केस तो कर्मचारियों के रिटायर होने के बाद सामने आते हैं। ऐसी व्यवस्था न सुशासन के अनुरूप है और न ही कर्मचारियों के हित में।
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केदार कश्यप ने कहा कि लंबे समय तक जांच लंबित रहने से कर्मचारियों को मानसिक, सामाजिक और सेवा संबंधी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। पदोन्नति, पेंशन और करियर तक प्रभावित हो जाता है। अगर कर्मचारी दोषी है तो समय पर कार्रवाई होनी चाहिए और अगर निर्दोष है तो उसे जल्द राहत मिलनी चाहिए।
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वन मंत्री ने विभाग को निर्देश दिए हैं कि एक महीने के भीतर सभी लंबित मामलों का पूरा ब्यौरा तैयार किया जाए और प्राथमिकता के आधार पर उनका निराकरण किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि जवाबदेही तय किए बिना प्रशासनिक सुधार संभव नहीं है।

