JOURNALIST MURDER CASE UPDATE: SIT did crime scene recreation at the incident site, 4 accused sent on judicial remand for 15 days
बीजापुर। पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) तेजी से कार्रवाई करते हुए मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। मंगलवार को SIT ने चारों आरोपियों को घटनास्थल, बैडमिंटन कोर्ट चट्टानपारा, लेकर जाकर क्राइम सीन रिक्रिएशन कराया। इसके बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 15 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
SIT प्रभारी का बयान –
SIT प्रभारी आईपीएस मयंक गुर्जर ने बताया कि चारों आरोपियों को घटना स्थल पर ले जाकर घटना की पुनरावृत्ति कराई गई। विवेचना के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। उन्होंने कहा कि “हमारी टीम इस मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच कर रही है ताकि दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।”
घटना का बैकग्राउंड –
3 जनवरी को पत्रकार मुकेश चंद्राकर का शव ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के बाड़े में बने सेप्टिक टैंक से बरामद हुआ था। वह तीन दिनों से लापता थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके सिर पर 15 चोटों के निशान पाए गए थे। इस हत्याकांड में आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर, रितेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर और महेंद्र रामटेके को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पत्रकारों में आक्रोश –
मुकेश चंद्राकर की हत्या के बाद प्रदेशभर के पत्रकारों में आक्रोश है। उन्होंने सरकार से आरोपियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की है।
भ्रष्टाचार उजागर करने की कीमत चुकाई –
बताया जा रहा है कि पत्रकार मुकेश चंद्राकर ने हाल ही में ठेकेदार सुरेश चंद्राकर द्वारा किए जा रहे सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार को उजागर किया था। इसी के चलते उनकी निर्मम हत्या कर दी गई। इस मामले में शासन ने भी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर का “अ” वर्ग ठेकेदार का पंजीयन (क्र. CGeR06088 दिनांक 06.03.2020) निलंबित कर दिया है।
सरकार का रुख सख्त –
सरकार ने साफ कर दिया है कि इस मामले में दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। SIT जल्द ही अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या न केवल पत्रकारिता जगत के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक गंभीर संदेश है। इस घटना की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई जा रही है।

