SHARAB GHOTALA : No relief for absconding businessman Naveen Kedia in Jharkhand liquor scam
नई दिल्ली/भिलाई। झारखंड के चर्चित शराब घोटाले में आरोपी कारोबारी नवीन केडिया को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। उच्चतम न्यायालय ने उनकी विशेष अनुमति याचिका संख्या 3269/2026 खारिज कर दी। यह याचिका झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि इस स्तर पर हस्तक्षेप करना उचित नहीं है।
हालांकि कोर्ट ने केडिया को निर्देश दिया है कि वह दो सप्ताह के भीतर संबंधित न्यायालय में आत्मसमर्पण करें और नियमित जमानत के लिए आवेदन करें। साथ ही यह भी कहा कि यदि नियमित जमानत अर्जी दी जाती है तो क्षेत्राधिकार वाली अदालत इसे शीघ्र सुनवाई करेगी। यह फैसला न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने सुनाया।
गोवा से गिरफ्तारी और फरारी
झारखंड ACB ने 8 जनवरी को केडिया को गोवा के एक स्पा सेंटर से गिरफ्तार किया था। 9 जनवरी को उन्हें गोवा अदालत में पेश किया गया, जहां से 12 जनवरी तक ट्रांजिट बेल मिली। शर्त थी कि वे रांची स्थित ACB के समक्ष आत्मसमर्पण करेंगे और बिना अनुमति देश नहीं छोड़ेंगे। लेकिन ट्रांजिट बेल मिलने के बाद से ही केडिया फरार हैं। न तो वे रांची पहुंचे और न ही जांच एजेंसी के सामने पेश हुए। इसके बाद झारखंड पुलिस ने छत्तीसगढ़ स्थित उनके ठिकानों पर दबिश दी। गोवा अदालत ने उनकी पांच लाख रुपये की जमानत राशि जब्त करने का आदेश भी दिया।
लुकआउट नोटिस और संपत्ति कुर्की की तैयारी
ACB ने केडिया के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है और देश के सभी एयरपोर्ट पर अलर्ट लगा दिया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक विदेश भागने की आशंका जताई जा रही है। अब उनकी संपत्ति कुर्क करने की तैयारी भी शुरू हो गई है। केडिया छत्तीसगढ़ डिस्टलरी के संचालक हैं। आरोप है कि उनकी कंपनी ने झारखंड में निम्न गुणवत्ता की देसी शराब सप्लाई की, जिससे लगभग 136 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ।
एजेंसियां फरार कारोबारी की तलाश में लगी हुई हैं और कानूनी कार्रवाई तेज होने के संकेत हैं।

