IPS GP SINGH : जीपी सिंह का डीजी प्रमोशन, प्रशासनिक उलझन और संभावित समाधान

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IPS GP SINGH: GP Singh’s DG promotion, administrative confusion and possible solution

रायपुर। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह का डीजी प्रमोशन लंबे समय से चर्चाओं में है। सुप्रीम कोर्ट से सेवा बहाली के आदेश के बाद अब उनका डीजी प्रमोशन तय माना जा रहा है। हालांकि, राज्य में डीजी के चार स्वीकृत पद पहले से भरे हुए हैं, जिससे प्रशासनिक पेचिदगी खड़ी हो गई है।

प्रमोशन का रास्ता और उलझनें

इस साल जून में हुई डीपीसी के बाद अरुण देव गौतम (92 बैच) और हिमांशु गुप्ता (94 बैच) को डीजी के पद पर प्रमोट किया गया था। इसके बाद अक्टूबर में 92 बैच के पवनदेव को भी डीजी बनाया गया। जीपी सिंह, जो 94 बैच के सीनियर अधिकारी हैं, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अभाव में प्रमोशन से वंचित रह गए थे।

वर्तमान स्थिति

अब जब सुप्रीम कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया है और उनकी सेवा बहाल हो चुकी है, विभागीय जांच समाप्त होते ही उनका डीजी प्रमोशन तय है। लेकिन, समस्या यह है कि राज्य में डीजी के दो कैडर और दो एक्स-कैडर समेत कुल चार पद पहले से भरे हुए हैं।

हिमांशु गुप्ता की स्थिति संकट में

94 बैच में जूनियर होने के बावजूद हिमांशु गुप्ता को पहले डीजी प्रमोट कर दिया गया था। अब यदि जीपी सिंह को प्रमोशन दिया जाता है, तो नियमों के अनुसार हिमांशु गुप्ता को रिवर्ट कर एडीजी बनाया जा सकता है। यह निर्णय न केवल प्रशासन के लिए बल्कि राज्य सरकार के लिए भी एक बड़ा धर्मसंकट बन सकता है, क्योंकि इसमें हिमांशु गुप्ता की कोई गलती नहीं है।

संभावित समाधान

सूत्रों का कहना है कि यदि ऐसी स्थिति आती है तो राज्य सरकार केंद्र सरकार से डीजी का एक अतिरिक्त पद स्वीकृत कराने का अनुरोध कर सकती है। केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार होने के कारण इस प्रक्रिया में कोई विशेष बाधा नहीं आएगी।

ऐसा पहले भी हो चुका है

पूर्व में जब विश्वरंजन केंद्र से छत्तीसगढ़ लौटे थे, तब संतकुमार पासवान के डीजी पद पर संकट आया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से बात कर डीजी का एक अतिरिक्त पद स्वीकृत कराया था।

क्या डीजीपी अशोक जुनेजा को मिलेगा एक्सटेंशन?

डीजीपी अशोक जुनेजा का कार्यकाल 5 फरवरी को समाप्त हो रहा है। यदि उन्हें एक्सटेंशन मिलता है, तो स्थिति यथावत रहेगी। लेकिन यदि एक्सटेंशन नहीं मिलता है, तो एक पद स्वतः खाली हो जाएगा और हिमांशु गुप्ता को बिना किसी विवाद के समायोजित किया जा सकेगा।

जीपी सिंह का प्रमोशन प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण निर्णय होगा। सरकार के पास या तो केंद्र से अतिरिक्त पद स्वीकृत कराने या फिर डीजीपी जुनेजा के कार्यकाल को बढ़ाने के विकल्प मौजूद हैं। आने वाले समय में इस पर अंतिम फैसला होगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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