कैसे बना ‘कालेधन का कुबेर’, पीयूष जैन ने बताया, गुजरात से कानपुर कैसे पहुंची जांच की आंच, जानें पूरी कहानी

Date:

- Advertisement -
RADA Auto Expo Portal

कानपुर : उत्तर प्रदेश में कानपुर के इत्र कारोबारी पीयूष जैन के काले कारनामों की कहानी अब राज्य की सीमा से निकलकर देश-विदेश तक पहुंच चुकी है. इत्र कारोबारी पीयूष जैन (Piyush Jain) के कानपुर (Kanpur IT raid) और कन्नौज स्थित घरों से छापेमारी (IT Raid) में करीब 194.45 करोड़ रुपये बरामद हुए हैं. इसके अलावा, 23 किलो सोना और 600 किलो चंदन की लकड़ी भी मिली है. अब सवाल उठता है कि आखिर इत्र कारोबारी पीयूष जैन के हाथ इतना बड़ा खजाना कैसे लग गया, आखिर वह कालेधन का कुबेर कैसे बन गया. पीयूष जैन के पास इतनी अकूत संपत्ति थी कि उसे मशीन की मदद से गिनने में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) के अधिकारियों को 5 दिन लग गए. बहरहाल, इन सवालों का खुद पीयूष जैन ने जवाब दे दिया है. डीजीजीआई की मानें तो खुद पीयूष जैन ने कबूल किया है कि उसके घरों से बरामद नकदी बिना कर चुकाए माल की बिक्री से संबंधित थी.

कैसे पीयूष जैन तक पहुंची टीम
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कुछ समय पहले अहमदाबाद की डीजीजीआई यानी डायरेक्टरेट ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम ने चेकिंग के दौरान एक-एक कर चार ट्रकों को पकड़ा. गणपति रोड कैरियर्स द्वारा संचालित इन चार ट्रकों को पकड़ने के बाद एजेंसी ने पाया कि बगैर जीएसटी का भुगतान किए इनमें पान मसाला और तंबाकू ढोए जा रहे थे. जब अधिकारियों ने जांच के दौरान कारखाने में उपलब्ध वास्तविक स्टॉक को रिकॉर्ड बुक में दर्ज स्टॉक के साथ मिलान किया और कच्चे माल व तैयार उत्पादों की कमी पाई. इससे पता चला कि मैन्युफैक्चरर, ट्रांसपोर्टर की मदद से माल को गुप्त रूप से छिपाने में शामिल था, जो उस माल के ट्रांसपोर्टेशन के प्रबंधन के लिए नकली इनवॉयस जारी करता था. अधिकारियों को ऐसे 200 नकली इनवॉयस मिले.

एजेंसी ने कहा कि शिखर ब्रांड के पान मसाला/तंबाकू उत्पादों के निर्माताओं ने माना कि उन पर टैक्स बकाया है और उन्होंने 3.09 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में जमा करवा दिया. इसके बाद जांच जब आगे बढ़ी तो इसका सीधा कनेक्शन कानपुर से जुड़ता दिखा. इसके बाद डीजीजीआई की नजर कानपुर पर पड़ी. उसने गुजरात से कानपुर आकर ट्रांसपोर्ट नगर में पान मसाला फैक्ट्री और गणपति ट्रांसपोर्ट पर रेड मारी. इसी दौरान अधिकारियों के सामने शिखर गुटखे के एक और पार्टनर का नाम सामने आया ओडोकैम इंडस्ट्रीज और पीयूष जैन ओडोकैम इंडस्ट्रीज का मालिक है. इसी तरह से कार्रवाई करती गई डीजीजीआई की टीम पीयूष जैन तक पहुंच गई.

कहां-कहां हुई छापेमारी
डीजीजीआई की टीम ने सबसे पहले कानपुर के आनंदपुरी स्थित पीयूष जैन के घर पर छापेमारी की, यहां से करीब 177 करोड़ रुपये मिले. इसके बाद टीम ने पीयूष जैन के कन्नौज स्थित घर पर भी छापेमारी की. वहां से भी टीम को करीब 18 करोड़ रुपये मिले हैं. इस तरह से टीम को अब तक की रेड में करीब 194 करोड़ रुपये मिले हैं. माना जा रहा है कि यह अब तक की सबसे बड़ी रेड है. बता दें कि पीयूष जैन के घर पर नोटों के बंडल गिनने के लिए करीब 19 मशीनों का सहारा लिया गया था. पीयूष जैन ने खुद स्वीकार किया है कि टैक्स चोरी कर-करके उसने इतने सारे पैसे बना लिए.

पीयूष जैन का कबूलनामा
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पीयूष जैन का बयान दर्ज किया गया है, जिसमें उसने कबूल किया है कि आवासीय परिसर से बरामद नकद जीएसटी के भुगतान के बिना माल की बिक्री से संबंधित है. पिछले पांच दिनों में की गई तलाशी के दौरान एकत्र किए गए सबूतों की कर चोरी का खुलासा करने के लिए गहन जांच की जा रही है. बता दें कि पीयूष जैन को सीजीएसटी एक्ट की धारा 67 के तहत गिरफ्तार किया गया है और उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

कौन है पीयूष जैन
दरअसल, पीयूष जैन कन्नौज और कानपुर का एक बड़ा इत्र व्यापारी है. पीयूष का जन्म कन्नौज में हुआ है और वहां पर भी इसका एक घर है. जैन 40 से ज्‍यादा कंपनियों का मालिक है और चौंकाने वाली बात ये है कि इसकी दो कंपनियां मिडिल ईस्ट में भी मौजूद हैं. कन्नौज में जैन की इत्र फैक्ट्री के साथ ही कोल्ड स्टोरेज और पेट्रोल पंप भी मौजूद हैं. पीयूष ने अपनी कंपनियों का हेडऑफिस मुंबई में बना रखा है और यहीं से इसकी कंपनी का इत्र विदेशों में एक्सपोर्ट होता है. जानकारी के अनुसार मुंबई में भी पीयूष का एक आलीशान आशियाना है.

- Advertisement -
RADA Auto Expo Portal

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img
spot_imgspot_img

#Crime Updates

More like this
Related