रायपुर । सौ से अधिक पुस्तकों के रचयिता व्यंग्यकार गिरीश पंकज द्वारा लिखित व्यंग्य नाटक ‘देश की पुकार’ का सात समंदर पार कनाडा में मंचन किया गया। स्प्रिंगडेल ब्रांच लाइब्रेरी,ब्रेम्पटन में आयोजित कार्यक्रम में हिंदी राइटर्स गिल्ड द्वारा श्रुति-नाटक के रूप में नाटक मंचित किया। गिल्ड ने मैथिलीशरण गुप्त, दिनकर और धर्मवीर भारती की रचनाओं का भी मंचन किया। श्रुति नाटक में कलाकार मंच पर आकर पटकथा को देखते हुए संवाद अदा करते हैं। नाटक का निर्देशन सुश्री कृष्णा वर्मा ने किया। विभिन्न पात्रों की भूमिका नरेंद्र ग्रोवर (बूढ़ा आदमी), संदीप कुमार, दीपक राजदान (युवक), कृष्णा वर्मा (युवती),पीयूष श्रीवास्तव (सूत्रधार, नेता), सुरेश पांडे ( नेता), नवीन पांडे ( कवि) एवं विद्याभूषण धर (तरुण) ने निभाई। नाटक का सार यह है कि एक गड्ढे में एक बुजुर्ग व्यक्ति गिर जाता है। जिसका नाम है देश कुमार। रास्ते से गुजरने वाला वाले नेता, युवक, यवती आदि उसे बाहर नहीं निकालते। अंत में एक बच्चा हाथ बढ़ाता है और बुजुर्ग गड्ढे से बाहर आ जाता है।
योगेश ममगई के कुशल संचालन ने अंत तक श्रोताओं को बाँधे रखा। धर्मवीर भारती की ‘कनुप्रिया’ पर शास्त्रीय नृत्य नाटिका प्रस्तुत की आशना सक्सेना ने। रामधारी सिंह दिनकर की ‘रश्मिरथी’ के ‘कृष्ण- कर्ण संवाद’ में कृष्ण की भूमिका निभाई पीयूष श्रीवास्तव, कर्ण की संदीप सिंह और सूत्रधार की विद्याभूषण धर ने। मैथिलीशरण गुप्त के ‘यशोधरा’ की नाट्य अभिव्यक्ति की शैलजा सक्सेना और मानोशी चटर्जी ने।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि टोरोंटो कौंसलावास के चांसरी प्रमुख, संजीव सकलानी थे। कृष्णा वर्मा ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।कार्यक्रम का शुभारंभ मानोशी चटर्जी के सरस्वती वंदना से हुआ। तरुण मंच से अविका सिंह नौ वर्षीय श्लोक सिंह ने अपनी प्रस्तुतियाँ दीं। कविता सहाय ने मीरा बाई के दो सुंदर भजन प्रस्तुत किए। अपनी लघुकथा ’अधिकार’ का वाचन किया प्रीति अग्रवाल ने।
कार्यक्रम की परियोजना डॉ. शैलजा सक्सेना, और संयोजन पूनमचंद्रा ‘मनु’ का था। अंत में विजय विक्रांत ने धन्यवाद किया।


