Farukh Abdullah statement: Indian citizens are bearing the consequences of Nehru’s mistake!
FARUKH ABDULLAH STATEMENT: श्रीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी भारतीय नागरिक का नाम वोटर लिस्ट से हटाने का अधिकार किसी के पास नहीं है।
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि नेहरू के शासनकाल में चुनाव आयोग को पूरी तरह से स्वतंत्र न बनाना एक बड़ी गलती थी और आज हम उसी का नतीजा भुगत रहे हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन के लिए जो पैनल बनाया गया है, उसमें सरकार के दो और विपक्ष का एक सदस्य होता है, जिससे बहुमत हमेशा सरकार के पक्ष में रहता है।
अब्दुला ने आरोप लगाया कि सोची-समझी रणनीति के तहत अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है और उनके नाम सूचियों से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कपिल सिब्बल जैसे बड़े वकीलों और कई अन्य लोगों के नाम भी सूची से हटाए गए हैं क्योंकि इनका मुख्य उद्देश्य केवल सत्ता में बने रहना है।
उन्होंने कहा कि मुंबई और दिल्ली में जिस प्रकार से लोग और छात्र संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, वह इस बात का संकेत है कि जनता अब जागरूक हो रही है।
उन्होंने युवा नेताओं जैसे नेहा बोरा के संघर्ष की सराहना की और अंत में कहा कि भारत की मूल भावना अभी भी पूरी तरह जीवित है।
