ASIA EV DEMAND : Demand for electric vehicles in Asia has suddenly increased…
नई दिल्ली। तेल के दाम बढ़े और लोगों ने तुरंत रास्ता बदल लिया। एशिया-प्रशांत में अब तेजी से लोग पेट्रोल-डीजल छोड़कर इलेक्ट्रिक गाड़ियों की तरफ भाग रहे हैं।
मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण होर्मुज स्ट्रेट से तेल सप्लाई लगभग रुक गई है, जिससे पूरे एशिया में ईंधन महंगा हो गया। अब आम लोग ही नहीं, कंपनियां भी खर्च बचाने के लिए EV को बेहतर ऑप्शन मान रही हैं।
ऑस्ट्रेलिया में तो हाल ये है कि मार्च में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए लोन लेने वालों की संख्या दोगुनी हो गई। बड़े बैंक तक कह रहे हैं कि EV से जुड़े कॉर्पोरेट लोन की पूछताछ करीब 88 फीसदी बढ़ गई है।
जापान जैसे देशों में भी जहां पहले EV की डिमांड कम थी, अब हालात बदल रहे हैं। महंगे ईंधन ने लोगों को मजबूर कर दिया है कि वे अब इलेक्ट्रिक गाड़ियों की तरफ शिफ्ट करें।
इस पूरे ट्रेंड का सबसे बड़ा फायदा चीनी कंपनियों को मिल रहा है, जो अब एशिया के मार्केट में तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रही हैं।
कुल मिलाकर, तेल के झटके ने ऑटो सेक्टर का गेम बदल दिया है और EV अब मजबूरी नहीं, जरूरत बनती जा रही है।

