DONALD TRUMP CLAIM : Donald Trump claims tariffs prevented India-Pakistan conflict
रायपुर डेस्क। वॉशिंगटन में आयोजित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते संघर्ष को टैरिफ की चेतावनी देकर रुकवाया। ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों पर 200% टैरिफ लगाने और ट्रेड डील रोकने की बात साफ कर दी थी, जिसके बाद हालात काबू में आए।
ट्रम्प के मुताबिक उस वक्त हालात बेहद खराब थे, लड़ाई तेज हो गई थी और विमान गिराए जा रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif से सीधे फोन पर बात की। ट्रम्प ने दावा किया कि अगर टकराव जारी रहता तो करीब 2.5 करोड़ लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान 11 महंगे फाइटर जेट्स गिराए गए, हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि वे किस देश के थे।
कार्यक्रम के दौरान ट्रम्प ने शरीफ को खड़े होने के लिए कहा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में शरीफ ने ट्रम्प को “दक्षिण एशिया का रक्षक” बताया।
चीन दौरे का ऐलान
ट्रम्प ने कहा कि उनका रिश्ता चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अच्छा है और वे अप्रैल में चीन दौरे पर जाएंगे। उन्होंने पिछली यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उनका भव्य स्वागत हुआ था और बड़ी संख्या में सैनिक मौजूद थे।
भारत ने ऑब्जर्वर के रूप में लिया हिस्सा
‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पहली बैठक में भारत ने ऑब्जर्वर देश के तौर पर हिस्सा लिया। भारत की ओर से वरिष्ठ अधिकारी नमग्या सी खम्पा मौजूद रहे। हालांकि भारत ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह इस बोर्ड का स्थायी सदस्य बनेगा या नहीं।
गाजा के लिए राहत पैकेज
बैठक में गाजा के पुनर्निर्माण के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया गया। ट्रम्प के अनुसार 9 सदस्य देश मिलकर 7 अरब डॉलर (करीब 63 हजार करोड़ रुपये) देंगे, जबकि अमेरिका 10 अरब डॉलर (करीब 90 हजार करोड़ रुपये) का योगदान करेगा।
क्या है ‘बोर्ड ऑफ पीस’?
ट्रम्प ने सितंबर 2025 में गाजा युद्ध को खत्म करने की योजना के तहत इस बोर्ड का प्रस्ताव रखा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 60 देशों को इसमें शामिल होने का न्योता दिया गया है। मसौदा चार्टर के अनुसार, जो देश तीन साल से ज्यादा सदस्य बने रहना चाहते हैं, उन्हें 1 अरब डॉलर का योगदान देना होगा।
ट्रम्प खुद इस बोर्ड के अध्यक्ष हैं। उनका कहना है कि यह मंच सिर्फ गाजा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक संघर्षों को सुलझाने में भी भूमिका निभाएगा। हालांकि कुछ देशों को आशंका है कि इससे United Nations की भूमिका प्रभावित हो सकती है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के पांच स्थायी सदस्यों में अमेरिका के अलावा अभी किसी अन्य देश ने बोर्ड में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है।
