CG BREAKING : Naxalite Manda Ruben surrenders after 44 years!
जगदलपुर, 8 अक्टूबर। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सदस्य मंडा रूबेन उर्फ सुरेश ने आखिरकार हथियार डाल दिए हैं। तेलंगाना पुलिस ने पुष्टि की है कि रूबेन ने नक्सली संगठन से अलग होने का निर्णय लेते हुए तेलंगाना में आत्मसमर्पण कर दिया है।
तेलंगाना पुलिस के अनुसार, मंडा रूबेन दक्षिण बस्तर डिविजनल कमेटी का सचिव भी रह चुका है और उसकी उम्र लगभग 67 वर्ष है। वह पिछले 44 वर्षों से नक्सली संगठन से जुड़ा हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि संगठन में लगातार हो रही मौतों, आत्मसमर्पणों और घटते प्रभाव को देखकर रूबेन ने यह फैसला लिया।
सूत्रों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों की तीव्रता बढ़ने के बाद अब बस्तर के कई नक्सली अन्य राज्यों में जाकर आत्मसमर्पण कर रहे हैं। रूबेन का आत्मसमर्पण इसी क्रम की एक बड़ी घटना मानी जा रही है।
दंतेवाड़ा जेल ब्रेक कांड से जुड़ा था नाम
मंडा रूबेन का नाम वर्ष 1991 के चर्चित दंतेवाड़ा जेल ब्रेक कांड से भी जुड़ा रहा है। उस समय पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। करीब एक वर्ष बाद उसने अपने चार साथियों के साथ जेल की छत काटकर और टॉवेल से रस्सी बनाकर फरार होने की योजना को अंजाम दिया था। यह घटना नक्सल इतिहास में एक बड़ा मोड़ मानी गई थी।
अधिकारियों की जानकारी के अनुसार, हाल के महीनों में बस्तर क्षेत्र के कई नक्सली तेलंगाना, ओडिशा और महाराष्ट्र जैसे पड़ोसी राज्यों में आत्मसमर्पण कर रहे हैं। मंडा रूबेन का सरेंडर सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और बदलते हालात का बड़ा संकेत माना जा रहा है।

