CYCLONE MURASU ALERT: After the cyclonic storm ‘Arnab’, there is now a threat from ‘Murasu’ as well!
CYCLONE MURASU ALERT: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने तूफान ‘मुरासु’ को लेकर ताजा अपडेट जारी करते हुए आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में अलर्ट की चेतावनी दी है।
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम और उससे सटी दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डीप डिप्रेशन अब चक्रवाती तूफान में बदल गया है। इसके अगले 24 से 36 घंटों में और अधिक शक्तिशाली होने की संभावना है।
IMD के अनुसार, तूफान 2 नवंबर की सुबह तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इस दौरान समुद्र में तेज हवाएं चलने और ऊंची लहरें उठने की आशंका है। तूफान का सबसे ज्यादा असर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवाती तूफान मुरासु के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की प्रबल संभावना है। इसके 2 नवंबर की रात 11:30 बजे से 3 नवंबर की सुबह 4 बजे के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट पर दस्तक देने का अनुमान है। तूफान के नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट पार करने की आशंका जताई गई है।
तट से टकराने के समय यह गंभीर चक्रवाती तूफान की श्रेणी में रह सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है, जबकि तेज झोंकों के साथ इसकी गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
इसके गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने पर तटीय इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्र में भी स्थिति बेहद खराब रहने की आशंका है।
मौसम विभाग के जारी ट्रैक मैप में तूफान के संभावित रास्ते और उसकी दिशा को दर्शाया गया है। इसके अनुसार, तूफान का प्रभाव दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र में अधिक रहने की संभावना है। हालांकि, इसके वास्तविक रास्ते और तीव्रता में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
चक्रवाती तूफान मुरासु के कारण बंगाल की खाड़ी में समुद्री परिस्थितियां बेहद खराब होने का अनुमान है। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, समुद्र में 28 से 33 नॉट की रफ्तार वाली हवाओं के दौरान भी समुद्र बहुत अशांत रहेगा। वहीं, हवा की गति 34 से 47 नॉट होने पर समुद्र की स्थिति बेहद खराब से बहुत खराब हो सकती है।
मौसम विभाग ने इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में मछली पकड़ने की गतिविधियों को पूरी तरह निलंबित रखने की आवश्यकता बताई है। मछुआरों को समुद्र में न जाने और समुद्र में मौजूद नावों को सुरक्षित स्थानों पर लौटने की सलाह दी गई है।
