CORONO REMEDIES IPO : Strong listing of Corona Remedies …
नई दिल्ली। घरेलू बाजार में तेजी से बढ़ने वाली फार्मा कंपनी कोरोना रेमेडीज के शेयरों ने आज शेयर बाजार में जोरदार एंट्री की। कंपनी के IPO को निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था और लिस्टिंग के दिन भी इसका असर साफ दिखा।
IPO के तहत कोरोना रेमेडीज के शेयर ₹1062 के इश्यू प्राइस पर जारी किए गए थे। आज ये शेयर BSE पर ₹1,452 और NSE पर ₹1,470 पर लिस्ट हुए। यानी IPO निवेशकों को करीब 38% का लिस्टिंग गेन मिला।
हालांकि, शुरुआती कारोबार के बाद शेयरों में हल्की गिरावट भी देखने को मिली। NSE पर शेयर फिसलकर ₹1,432.50 तक आ गए, लेकिन इसके बावजूद IPO निवेशक अब भी करीब 34.89% के मुनाफे में बने हुए हैं। वहीं कर्मचारियों को प्रति शेयर ₹54 का डिस्काउंट मिलने के चलते उन्हें और ज्यादा फायदा हुआ।
144 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ IPO
कोरोना रेमेडीज का ₹655.37 करोड़ का IPO 8 से 10 दिसंबर के बीच खुला था। इसे कुल मिलाकर 144.54 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। QIB कैटेगरी में यह 293.80 गुना, NII में 220.18 गुना, रिटेल निवेशकों में 30.39 गुना और एम्प्लॉइज कैटेगरी में 15.56 गुना सब्सक्राइब हुआ।
यह IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) था, जिसमें 10 रुपये फेस वैल्यू वाले करीब 61.71 लाख शेयर बेचे गए। चूंकि इसमें कोई नया शेयर जारी नहीं हुआ, इसलिए कंपनी को सीधे तौर पर इस इश्यू से कोई फंड नहीं मिला।
कंपनी का प्रोफाइल और ग्रोथ
अगस्त 2004 में स्थापित कोरोना रेमेडीज महिलाओं के स्वास्थ्य, कार्डियोलॉजी, दर्द प्रबंधन, यूरोलॉजी और अन्य थेरेपी से जुड़े प्रोडक्ट बनाती है। जून 2025 तक कंपनी के पास 71 ब्रांड्स का पोर्टफोलियो है और इसका नेटवर्क देशभर में फैला हुआ है।
कंपनी के पास 22 राज्यों में 2,671 मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव हैं और गुजरात में इसकी दो मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं। घरेलू बिक्री के आधार पर यह देश की 30 बड़ी फार्मा कंपनियों में दूसरी सबसे तेजी से बढ़ने वाली कंपनी मानी जाती है।
मजबूत फाइनेंशियल स्थिति
FY23 में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹84.93 करोड़ था, जो FY24 में बढ़कर ₹90.50 करोड़ और FY25 में ₹149.43 करोड़ हो गया। इसी अवधि में कंपनी की कुल इनकम 16% से ज्यादा की CAGR से बढ़कर ₹1,202.35 करोड़ पहुंच गई।
वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में कंपनी ने ₹46.20 करोड़ का नेट प्रॉफिट और ₹348.56 करोड़ की इनकम दर्ज की। जून 2025 के अंत तक कंपनी पर कुल ₹106.65 करोड़ का कर्ज था, जबकि रिजर्व और सरप्लस ₹545.86 करोड़ रहा।

