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CM YOGI & MOHAN BHAGWAT : मुख्यमंत्री योगी बिना मिले लौटे मोहन भागवत, कुछ ठीक नहीं दोनों के बीच ..

CM YOGI & MOHAN BHAGWAT: Chief Minister Yogi returned without meeting Mohan Bhagwat, nothing is right between the two..

लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस चीफ मोहन भागवत के बीच मुलाकात की चर्चाओं पर विराम लग गया है। दोनों नेताओं के बीच मुलाकात नहीं हुई है। इसके बाद से तमाम तरह के सवाल उठने लगे हैं। चर्चा शुरू हो गई है कि क्या लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद बीजेपी और आरएसएस के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। 5 दिनों के गोरखपुर प्रवास पर आए RSS चीफ और सीएम योगी के बीच मुलाकात होने की चर्चाएं थी, लेकिन मुलाकात ना होने के बाद लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सियासी पारा गरमाया हुआ है।

लोकसभा चुनाव में भले ही पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए ने सरकार बना ली है, लेकिन 2014 और 2019 लोकसभा की तरह बीजेपी को बहुमत नहीं मिला है। सबसे खराब प्रदर्शन यूपी में रहा है। नतीजे आने के बाद आरएसएस नेताओं की प्रतिक्रिया से देश भर की राजनीति गरमा गई है। इसी बीच दावा किया जा रहा था कि सीएम योगी आदित्यनाथ की आरएसएस चीफ मोहन भागवत से गोरखपुर में मुलाकात हो सकती है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

दो दिन गोरखपुर में रहे योगी पर…राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखिया मोहन भागवत बीते बुधवार को आरएसएस के कार्यकर्ता विकास वर्ग के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गोरखपुर पहुंचे थे। गोरखपुर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह जनपद है। इस कार्यक्रम में मोहन भागवत मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लेने आए थे। इसी बीच, सीएम योगी आदित्यनाथ शनिवार को गोरखपुर पहुंचे थे। वह शनिवार और रविवार दो दिन यहां पर उनकी मोहन भागवत से मुलाकात नहीं हुई। वहीं पांच दिनों तक गोरखपुर में रहने के बाद RSS चीफ 17 जून को गोरखपुर से रवाना हो जाएंगे।

तो क्‍या भागवत ने योगी को नहीं दिया समय?मिल रही जानकारी के मुताबिक, सीएम योगी ने दो बार मिलने का समय मांगा था लेकिन RSS चीफ ने मिलने का समय नहीं दिया। सूत्रों का दावा है कि सीएम योगी ने शनिवार को दोपहर 2 बजे और फिर 6 बजे समय मांगा था। इसको लेकर अलर्ट भी हुआ, लेकिन आखिर में दोनों नेताओं के बीच मुलाकात नहीं हो पाई। गोरखपुर में RSS के कार्यक्रम में मोहन भागवत के शामिल होने का रोड मैप पहले से तैयार था। ऐसे में किसी नेता के कार्यक्रम में शामिल होने और मुलाकात होना संभव नहीं था। वहीं, मुलाकात ना होने के पीछे लोकसभा चुनाव के नतीजे भी माने जा रहे हैं। बताया यह भी जा रहा है कि भागवत से बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ही आसानी से मिल सकता है।

 

 

 

 

 

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