CG BIJLI BILL VIVAD : छत्तीसगढ़ की जनता के बिल से स्टील इंडस्ट्री का फायदा ? पढ़िये ये रिपोर्ट ….

Date:

CG ELECTRICITY BILL VIVAD : Does the steel industry benefit from Chhattisgarh’s public bills? Read this report.

रायपुर, 8 नवंबर। छत्तीसगढ़ में इस महीने लोगों के बिजली बिल ने सबको हैरान कर दिया है, किसी का बिल दोगुना आया, किसी का तीन गुना। वजह बताई जा रही है सरकार का फैसला, जिसने ‘बिजली बिल हाफ योजना’ को सीमित कर दिया है। लेकिन अब बड़ा सवाल उठ रहा है, क्या यह फैसला वास्तव में स्टील उद्योगों को फायदा पहुंचाने के लिए लिया गया था?

सरकार ने घटाई जनता की राहत

पहले जहां 400 यूनिट तक की खपत पर 200 यूनिट बिजली मुफ्त मिलती थी, अब नई व्यवस्था में सिर्फ 100 यूनिट तक ही राहत है। 100 यूनिट से एक यूनिट भी ज़्यादा खर्च करने पर पूरा बिल सामान्य दरों पर लगेगा। इससे लगभग 25 लाख उपभोक्ता योजना से बाहर हो गए हैं।

स्टील उद्योगों को मिला बड़ा फायदा

इसी दौरान राज्य विद्युत नियामक आयोग ने स्टील उद्योगों के लिए बड़ा बदलाव किया। लोड फैक्टर 15% से बढ़ाकर 25% कर दिया गया, जिससे उन्हें अब बिजली और सस्ती दरों पर मिलेगी। जानकारों के मुताबिक इस फैसले से स्टील इंडस्ट्री को हर साल 1000 से 1500 करोड़ रुपये तक की बचत होगी।

सवाल यही – जनता से वसूली कर उद्योगों को राहत?

बिजली विभाग के सूत्रों का दावा है कि स्टील इंडस्ट्री को दी गई इस छूट से बिजली कंपनी पर करीब 1000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार बढ़ गया। इसके बाद आम उपभोक्ताओं को दी जा रही ‘बिजली बिल हाफ योजना’ की राहत घटाकर 100 यूनिट कर दी गई। ताकि कंपनी का घाटा पूरा किया जा सके।

विशेषज्ञों ने सरकार पर उठाए सवाल –

ऊर्जा विशेषज्ञ का कहना है “सरकार ने आम जनता की जेब पर बोझ डालकर उद्योगों को फायदा पहुंचाया है। मुश्किल से 700-800 करोड़ रुपये की बचत के लिए 25 लाख उपभोक्ताओं को झटका दिया गया।”

पीएम सूर्यघर योजना का हवाला लेकिन लक्ष्य बेहद छोटा –

सरकार कह रही है कि ‘पीएम सूर्यघर योजना’ से लोग सोलर पैनल लगाकर मुफ्त बिजली पा सकेंगे। लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक यह तर्क कमज़ोर है, क्योंकि राज्य का लक्ष्य सिर्फ 1 लाख 30 हजार परिवारों को 2027 तक जोड़ने का है, जबकि 25 लाख उपभोक्ताओं से राहत छीनी जा चुकी है।

एक तरफ सरकार कह रही है कि आम जनता के लिए ‘सस्ती बिजली’ की दिशा में काम चल रहा है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि उद्योगों को राहत देने की कीमत आम उपभोक्ता चुका रहे हैं।

 

 

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img
spot_imgspot_img

#Crime Updates

More like this
Related