HIGH COURT ORDER : High Court strict on the dilapidated roads of Chhattisgarh, sought a detailed reply from the PWD Secretary
बिलासपुर, 21 नवंबर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य की सड़कों की खराब हालत को लेकर गुरुवार को हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। शासन ने कोर्ट को बताया कि राज्यभर की सड़कों की डिज़ाइनिंग, सुरक्षा मॉड्यूल और सुधार संबंधी एनआईटी रायपुर की विस्तृत एडवाइजरी रिपोर्ट दो सप्ताह में मिल जाएगी। इस पर कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव को अगली सुनवाई तक शपथ-पत्र सहित विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने जताई कड़ी नाराजगी
हाईकोर्ट ने कहा कि लंबे समय से सड़कें बदहाल हैं और सुधार की प्रक्रिया बेहद धीमी है। पहले भी कोर्ट ने रायपुर की धनेली-सड्डू-जोरा मार्ग और सेंदरी बायपास के कार्य में देरी पर नाराजगी जाहिर की थी। कोर्ट ने तंज करते हुए कहा “एक-दो साल में तो रिपोर्ट आ जानी चाहिए।”
प्रदेश में कई स्थानों पर सड़कें अब भी खराब
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट कमिश्नरों ने बताया कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में सड़कें गंभीर रूप से जर्जर हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है और ट्रैफिक व्यवस्था भी अव्यवस्थित है।
PWD सचिव को अगली सुनवाई में देना होगा जवाब
कोर्ट ने PWD सचिव को निर्देश दिया है कि वे बताएँ, खराब सड़कों की मरम्मत के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं?
किन स्थानों पर तत्काल सुधार जरूरी है?
भविष्य में सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने की क्या योजना है?
सरकार ने आश्वासन दिया कि एनआईटी रायपुर की रिपोर्ट के आधार पर पूरे प्रदेश में सड़क सुधार और ट्रैफिक मैनेजमेंट का नया रोडमैप तैयार होगा।
