CHHATTISGARH : High Court takes a major decision on the study leave of 15 doctors
रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने PG की पढ़ाई के लिए स्टडी लीव बढ़ाने की मांग करने वाले 15 सेवारत डॉक्टरों की याचिकाएं खारिज कर दी हैं। जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की एकलपीठ ने साफ किया कि 3 मार्च 2025 को स्टडी लीव की अधिकतम सीमा 24 से बढ़ाकर 36 महीने किए जाने का लाभ पहले से मंजूर और ली जा चुकी 24 महीने की छुट्टी पर पीछे की तारीख से लागू नहीं होगा।
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दरअसल, इन डॉक्टरों को PG मेडिकल पढ़ाई के लिए पहले ही 24 महीने की स्टडी लीव मंजूर हो चुकी थी। बाद में 3 मार्च 2025 को राज्य सरकार ने नियम 44 में छूट देकर PG पाठ्यक्रम के लिए अधिकतम स्टडी लीव 36 महीने कर दी।
डॉक्टरों ने इसी नए आदेश का हवाला देते हुए अपनी पुरानी 24 महीने की स्टडी लीव को 36 महीने करने की मांग की थी। लेकिन हाईकोर्ट ने कहा कि नए आदेश में पुराने मामलों पर इसका लाभ देने का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इसलिए बाद में जारी आदेश को पहले से स्वीकृत छुट्टी पर लागू नहीं किया जा सकता।
डॉ. मीनाक्षी सूद के मामले का हवाला भी दिया गया था, लेकिन उनके पक्ष में जारी पुराना आदेश वित्त विभाग की आपत्ति के बाद 31 जुलाई 2026 को रद्द किया जा चुका था। कोर्ट ने कहा कि रद्द किए जा चुके आदेश के आधार पर दूसरे डॉक्टरों को समान लाभ नहीं दिया जा सकता।
