CHHATTISGARH : Crops destroyed due to rain, when will farmers get relief?
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से हुई बारिश और तेज हवाओं के कारण कई जिलों में धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी फसल गिर गई है, तो कटाई के बाद रखी धान की फसल भी भीग गई है। हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी जिला कलेक्टरों को तत्काल सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि फसल नुकसान का सही आकलन किया जाए और पात्र किसानों को समय पर राहत राशि मिले। सर्वे से लेकर सहायता राशि के वितरण तक किसी भी स्तर पर देरी नहीं होनी चाहिए।
RBC 6-4 के तहत मिलेगी मदद
सरकार के निर्देश के मुताबिक, राजस्व विभाग के तय नियमों के अनुसार नुकसान का आकलन किया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर पात्र किसानों को राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) 6-4 के तहत आर्थिक सहायता दी जाएगी। निर्धारित शर्तों के अनुसार 33 प्रतिशत या उससे अधिक फसल नुकसान होने पर राहत राशि मिलने का प्रावधान है।
गरियाबंद, बिलासपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही समेत कई इलाकों में धान की फसल प्रभावित हुई है। कई खेतों में पानी भरने से भी नुकसान की आशंका है। प्रदेश में धान कटाई का समय नजदीक है, ऐसे में बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
अब सबकी नजर सर्वे रिपोर्ट पर है। इससे ही पता चलेगा कि कितने किसानों की फसल प्रभावित हुई और उन्हें कितनी राहत मिल पाएगी।
