CHHATTISGARH: Dr. Premasai Maharaj met Assembly Speaker Dr. Raman Singh; significant discussions were held on various topics.
CHHATTISGARH: छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष माननीय डॉ. रमन सिंह से माँ मातंगी दिव्य धाम के पीठाधीश डॉ. प्रेमासाई महाराज ने विधानसभा निवास में शिष्टाचार भेंट कर विभिन्न समसामयिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा की।
डॉ. प्रेमासाई महाराज ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के अध्यक्षीय नेतृत्व में पारित धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम जैसे ऐतिहासिक एवं जनहितकारी निर्णय की सराहना करते हुए इसे भारतीय संस्कृति, धार्मिक स्वतंत्रता एवं सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
गुरुदेव डॉ प्रेमासाईं महाराज जी विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को 13 जुलाई से प्रारंभ हो रहे विधानसभा सत्र के कुशल संचालन के लिए मंगलकामना दी।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नई दिल्ली में सुदर्शन न्यूज़ द्वारा आयोजित भारत निर्माण कॉन्क्लेव-2026 में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के हाथो से डॉ. प्रेमासाई महाराज को प्राप्त “सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर” सम्मान के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
उन्होंने धर्म, संस्कृति एवं आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण, सेवा, सद्भाव, नैतिक चेतना और मानवीय मूल्यों के प्रसार हेतु गुरुदेव द्वारा किए जा रहे कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए अनुकरणीय पहलों के लिए प्रशंसा की।
डॉ. प्रेमासाई महाराज जी ने अपने बस्तर प्रवास के अनुभव साझा करते हुए कहा कि कभी नक्सलवाद की चुनौतियों से प्रभावित रहा बस्तर आज विकास, शांति, सुरक्षा और समृद्धि की नई पहचान बना रहा है।
शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सुरक्षा बलों के सतत प्रयासों से क्षेत्र में उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि बस्तर में आयोजित दिव्य दरबारों एवं हिन्दू जगाओ भव्य शोभायात्रा में उमड़ रही जनआस्था और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता समाज में आध्यात्मिक चेतना, विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर रही है।
इस दौरान डॉ. प्रेमासाई महाराज ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को भारत के प्रथम माँ कोत्रावै मंदिर के निर्माण एवं आगामी प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की जानकारी देते हुए आमंत्रित किया। महाराज के आमंत्रण को विधानससभा अध्यक्ष ने स्वीकार कर प्राण प्रतिष्ठा की अग्रिम शुभकामनाएं दी।
