विवेकानंद नगर में चातुर्मास, प्रवचन सुनने उमड़ा जैन समाज

Date:

- Advertisement -
RADA Auto Expo Portal

 

वाहवाही हो तो गुमान न करना, बुरे दिन आएं
तो असहज न होना: राष्ट्रसंत ललितप्रभ सागर

रायपुर। लोग आपकी वाहवाही करें तो ज्यादा गुमान करने की जरूरत नहीं है। बुरें दिन आ जाएं तो असहज होने की भी जरूरत नहीं है। इस दुनिया की यही रीत है। जीवन में कभी विपत्ति आती है तो कभी अच्छा समय भी आता है। हर परिस्थिति में विवेक की धारा एक समान होनी चाहिए। विवेकानंद नगर में चल रहे तीन दिवसीय प्रवचन माला में मंगलवार को राष्ट्रसंत ललितप्रभ सागर ने उपरोक्त बातें कही।


विवेक का पंचनामा करते हुए उन्होंने कहा कि भोजन और भजन हमेशा एकांत में करना चाहिए। कर्ज और फर्ज समय पर अदा करें। जेवर और तेवर हमेशा संभालकर रखिए। चित्र और मित्र जब भी बनाएं, दिल से बनाएं। संपत्ति और विपत्ति में अपनी मन:स्थिति एक जैसी बनाकर रखें। यही विवेक है। एक प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति को आते-जाते लोग सेठ नत्थूलाल कहकर नमस्कार करते। वह कहता कि मैं घर जाकर कह दूंगा। एक बार एक व्यक्ति ने पूछा कि लोग आपको नमस्कार करते हैं तो आप ऐसा क्यों कहते हैं कि घर जाकर बता दूंगा। उसने बताया कि जब मैं कुछ नहीं था तो लोग मुझे नथोड़ा कहकर बुलाते थे। आज लोग मुझे सेठ कहकर बुलाते हैं। मैं अपने घर के मंदिर में जाकर भगवान से कहता हूं कि आज मुझे 15 लोगों ने सेठ कहकर बुलाया हूं। यह आपकी कृपा से है तो यह सम्मान भी आप ही को समर्पित कर रहा हूं। कहने का तात्पर्य यह है कि संपत्ति हो या विपत्ति व्यक्ति को कभी भी अपना विवेक नहीं खोना चाहिए और सदैव परमपिता परमात्मा के प्रति आभारी रहना चाहिए।


हाथ-पैर, जुबान और आंखें… ये सब 9 माह में बन
जाते है, इनका उपयोग 90 साल में भी नहीँ सीखते

इंसान की आंखें, हाथ, नाक, कान, मुंह जुबान… शरीर के ये सादरे अंग मां की कोख में 9 माह के भीतर बन जाते हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल कैसे करना है? 90 साल बाद भी लोग यह नहीं सीख पाते। असल में किसी भी इंसान का जन्म तीन चरणों में होता है। पहला जब मां उसे जन्म देती है। दूसरा जब सवह स्कूल जाता है और गुरुजी उसे जीवन का पाठ पढ़ाते हैं। तीसरा जन्म होता है जब व्यक्ति खुद को पैदा करता है। मुझे अंधेरे में जीना है या प्रकाश में, यह व्यक्ति खुद ही तय करता है। मां बाप या शिक्षक नहीं। व्यक्ति जब यह तय करता है कि मैं उजालों का राहगीर बनूंगा। आज से मैं किसी का दिल नहीं दुखाऊंगा। पराई स्त्री पर नजर नहीं रखूंगा। दूसरे की जमीन पर कब्जा नहीं करूंगा। दूसरों को ठेस नहीं पहुंचाऊंगा। इन संकल्पों को आत्मसात कर जो व्यक्ति जीवन जीता, वही महान बनता है।


आसमान में उड़ने वाले हर हवाई जहाज
को पहले जमीन पर ही दौड़ना पड़ता है

ऐसा नहीं है कि मुर्गी के अंडा देते ही चूजा बाहर निकल जाता है। उसी प्रकार ऐसा भी नहीं है कि मां की कोख से जन्म लेते ही व्यक्ति महान बन जाता है। याद रखिए, आसमान में उड़ने वाले हर हवाई जहाज को पहले जमीन पर दौड़ना पड़ता है। एक बार डुबकी लगाने से मोती नहीं मिलता। उसी प्रकार जीवन में सफलता प्राप्त करनी है तो व्यक्ति को पहले संघर्ष करना पड़ता है। यही जीवन का सत्य है। जो व्यक्ति इस सत्य का स्वीकार कर कर्म पथ पर आगे बढ़ता है और जूझता है, वही जीवन में सफल और महान बनता है। कई बार लोग कुलीन घर में पैदा होकर भी अंधेरे में चले जाते हैँ क्योंकि उनकी संगति वैसी होती है। कई लोग बुरे माहौल में भी पैदा होकर महान बन जाते हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा फैक्टर है व्यक्ति की संगति। इसीलिए अच्छे लोगों की संगति करें। जीवन में हमेशा आगे ही बढ़ेंगे।

जिनशासन का गौरवमय संघ है विवेकानंद नगर
मैं यहां न आता तो रायपुर आना अधूरा हो जाता

संतश्री ने कहा कि विवेकानंद नगर में जैन समाज की आबादी अच्छी खासी है। विवेकानंद नगर जिनशासन का गौरवमय संघ है। यदि मैं यहां नहीं आता तो मेरा रायपुर आना अधूरा हो जाता। श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक समाज के अध्यक्ष श्याम सुंदर बैदमुथा और चातुर्मास समिति के अध्यक्ष पुखराज मुणोत ने बताया कि बुधवार को तीन दिवसीय प्रवचन माला का अंतिम दिवस है। संतश्री इस मौके पर सुबह 9 से 10.30 बजे तक प्रवचन देंगे। अंतिम दिन होने की वजह से उन्हें सुनने के लिए भारी भीड़ उमड़ेगी। इसे देखते हुए तैयारियां भी व्यापक की गई हैं। समाजजनों से अपील है कि श्री ज्ञान वल्लभ उपाश्रय पहुंचकर संतश्री के मुखारविंद से जिनवाणी सुनने का लाभ अवश्य लें।

 

- Advertisement -
RADA Auto Expo Portal

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img
spot_imgspot_img

#Crime Updates

More like this
Related

BILASPUR CENTRAL UNIVERSITY : अब ‘India’ नहीं, सिर्फ ‘भारत’

BILASPUR CENTRAL UNIVERSITY : Now not 'India', just 'Bharat' बिलासपुर....

INDIAN RAILWAYS NEW RULES : रेलवे का ‘फाइन बम’

INDIAN RAILWAYS NEW RULES : Railways' 'fine bomb' रायपुर। भारतीय...

SACHIN PILOT RAIPUR VISIT : पायलट का रायपुर ‘संगठन वार’

SACHIN PILOT RAIPUR VISIT : Pilot's Raipur 'organization wise' रायपुर।...