CG NEWS: Special lecture on ‘GST and the Indian Economy’ at Krishna Vikas Global University.
CG NEWS: कृष्णा विकास ग्लोबल यूनिवर्सिटी (KVGU), रायपुर के स्कूल ऑफ़ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट द्वारा 7 अक्टूबर 2026 को “GST और भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसका असर” विषय पर एक ज्ञानवर्धक गेस्ट लेक्चर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में BBA और BCOM के 70 से अधिक उत्साही विद्यार्थियों के साथ-साथ विश्वविद्यालय के फैकल्टी मेंबर्स ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति:
प्रो. वाई. नरसिम्हुल्लू — कुलपति, कृष्णा विकास ग्लोबल यूनिवर्सिटी, रायपुर
डॉ. रितेश कुमार देवांगन — कुलसचिव (रजिस्ट्रार), कृष्णा विकास ग्लोबल यूनिवर्सिटी, रायपुर
डॉ. सीमा अग्रवाल — निदेशक (IQAC), कृष्णा विकास ग्लोबल यूनिवर्सिटी, रायपुर
डॉ. संदीप सोनकर — परीक्षा नियंत्रक (COE), कृष्णा विकास ग्लोबल यूनिवर्सिटी, रायपुर
सत्र के मुख्य वक्ता, विवेकानंद मानव उत्कृष्टता संस्थान (रायपुर) के सहायक प्रोफेसर और कराधान, जीएसटी कानून एवं भारतीय अर्थव्यवस्था के विशेषज्ञ एम. आदि शेषय्या ने व्यावहारिक उद्योग मानकों के साथ सैद्धांतिक ज्ञान का बेहतरीन समन्वय करते हुए एक आकर्षक प्रस्तुति दी।
अपने व्याख्यान के दौरान, शेषय्या ने 1 जुलाई 2017 को “एक राष्ट्र, एक कर” के सिद्धांत के तहत वस्तु एवं सेवा कर (GST) के कार्यान्वयन के बाद से इसकी विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। रोज़मर्रा के सरल उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने दोहरे कराधान के प्रभाव को समाप्त करने तथा उत्पाद शुल्क (Excise), वैट (VAT) और सेवा कर (Service Tax) जैसे पूर्ववर्ती अप्रत्यक्ष करों को एकीकृत करने के लिए GST की आवश्यकता को समझाया। उन्होंने कर ढांचे की व्यावहारिक कार्यप्रणाली को स्पष्ट करते हुए CGST, SGST, IGST और UTGST की संरचनात्मक भूमिका के साथ-साथ 0% से 28% तक के विभिन्न कर स्लैब की विस्तृत जानकारी दी।
व्यापक आर्थिक प्रभावों का विश्लेषण करते हुए, शेषय्या ने बताया कि कैसे GST ने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि को बढ़ावा दिया है, राष्ट्रीय कर आधार को 1.4 करोड़ से अधिक करदाताओं तक पहुँचाया है, राज्य की चेक-पोस्टों को हटाकर लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार किया है, तथा “मेक इन इंडिया” और “ईज़ ऑफ़ डूइंग बिजनेस” जैसी पहलों को मजबूत किया है। छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) के लिए अनुपालन के बोझ और GST पोर्टल से जुड़ी शुरुआती तकनीकी चुनौतियों जैसी कठिनाइयों को स्वीकार करते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ई-इनवॉइसिंग, सरल GSTR फाइलिंग और कंपोजीशन स्कीम जैसे हालिया सुधार व्यवसाय और उपभोक्ता दोनों के लिए प्रक्रिया को सुगम बना रहे हैं।
यह कार्यक्रम एक रोचक और संवादात्मक प्रश्नोत्तर (Q&A) सत्र के साथ संपन्न हुआ, जहाँ विद्यार्थियों ने स्टार्टअप्स के लिए GST अनुपालन, ई-कॉमर्स और एक प्रमाणित GST प्रैक्टिशनर के रूप में करियर के बढ़ते अवसरों जैसे व्यावहारिक विषयों पर चर्चा की।
कार्यक्रम का समापन स्कूल ऑफ़ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट के विभागाध्यक्ष श्री अपूर्व जडेजा के औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने अपनी विशेषज्ञता साझा करने के लिए श्री शेषय्या का आभार व्यक्त किया, निरंतर सहयोग के लिए KVGU प्रबंधन को धन्यवाद दिया, तथा संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की ओर से अतिथि वक्ता को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
