CG NEWS : High Court directs formation of committee for conservation of source of rivers
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य की नदियों और उनके उद्गम स्थलों की सुरक्षा और पुनर्जीवन के लिए विशेष कमेटी बनाने का आदेश दिया है। अदालत ने सभी नदियों और उनके उद्गम स्थलों को राजस्व रिकॉर्ड में सही दर्ज करने और संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
सुनवाई के दौरान पता चला कि राज्य की कई नदियां और उनके उद्गम स्थल अभी भी ‘नाले’ के रूप में दर्ज हैं। हाईकोर्ट ने इसे लापरवाही मानते हुए सुधार के आदेश दिए। राज्य सरकार ने कमेटी गठन पर सहमति जताई है, जिसमें तकनीकी विशेषज्ञ, इतिहासकार, लेखक और पर्यावरणविद शामिल होंगे। कमेटी का मुख्य कार्य नदियों के वास्तविक उद्गम स्थलों की पहचान और उन्हें पुनर्जीवित कर जल प्रवाह बनाए रखने के उपाय सुझाना होगा।
उद्गम वाले जिलों के कलेक्टर कमेटी के अध्यक्ष होंगे, जबकि खनिज, वन विभाग और जिला पंचायत के अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल होंगे। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर नीतिगत और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। छत्तीसगढ़ में 19 प्रमुख नदियों के उद्गम स्थल हैं, जिनमें महानदी, शिवनाथ, तांदुला, हसदेव, खारून, जोंक, पैरी, मांड, ईब, केलो, बोराई, दूध, कन्हार, रिहन्द, कोटरी, शबरी, डंकिन, शंखिनी, बाघ और नारंगी शामिल हैं।
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च तय की है, तब तक सरकार को कमेटी गठन और प्रारंभिक कार्रवाई की स्थिति से अवगत कराने को कहा गया है।

