CG HIGH COURT : No authority to order inquiry against Patwari – High Court
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में साफ कर दिया है कि रेवेन्यू बोर्ड अपील की सुनवाई के दौरान किसी शासकीय कर्मचारी के खिलाफ न तो प्रतिकूल टिप्पणी कर सकता है और न ही विभागीय जांच का आदेश दे सकता है। कोर्ट ने एक पटवारी के खिलाफ जारी जांच आदेश पर रोक लगा दी है।
यह मामला रायगढ़ जिले के पटवारी सच्चिदानंद साहू से जुड़ा है। नामांतरण से जुड़े एक केस की सुनवाई के दौरान रेवेन्यू बोर्ड ने तहसीलदार और पटवारी पर तल्ख टिप्पणी करते हुए विभागीय जांच के निर्देश दे दिए थे। इसी आदेश को चुनौती देते हुए पटवारी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी ने कोर्ट को बताया कि रेवेन्यू बोर्ड पुनरीक्षण अधिकार क्षेत्र में रहते हुए इस तरह की कार्रवाई नहीं कर सकता। बिना पक्ष सुने प्रतिकूल टिप्पणी करना और जांच के आदेश देना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।
मामले की सुनवाई जस्टिस पीपी साहू की सिंगल बेंच में हुई। कोर्ट ने दलीलों से सहमति जताते हुए रेवेन्यू बोर्ड द्वारा जारी विभागीय जांच के आदेश पर रोक लगा दी। साथ ही राज्य शासन, बोर्ड ऑफ रेवेन्यू, आयुक्त, कलेक्टर और तहसीलदार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
हाई कोर्ट के इस फैसले को राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

