Finance Minister Chaudhary’s strong retort to Baghel’s post
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में दो दिग्गजों के बीच सोशल मीडिया पर चल रही कहानीबाजी सुर्खियों में है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वित्त मंत्री ओपी चौधरी के बीच एक रोचक किस्सागोई चल रहा है।
दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाल ही में जमीन गाइडलाइन से जुड़े एक विज्ञापन को शेयर करते हुए एक कहानी के माध्यम से सरकार पर निशाना साधा। तो जवाब में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भी सोशल मीडिया पर एक कहानी लिखकर पूर्व मुख्यमंत्री को तीखा और प्रतीकात्मक प्रत्युत्तर दिया है, जिसकी राजनीतिक गलियारों में खूब चर्चा हो रही है।
ओपी चौधरी की लिखी गई कहानी में एक गांव, उसका पुराना मुखिया और खाली खजाना केंद्र में हैं। उन्होंने रूपक के जरिए पूर्व सरकार पर सीधे-सीधे आरोप लगाए कि सालों राज करने के बावजूद सड़कें, अस्पताल और बुनियादी सुधार तक नहीं हुआ और खजाना लगातार खाली होता गया।
कहानी के अनुसार, जब गांव ने नया नेतृत्व चुना और पोटली खोली, तो उसमें सिर्फ पत्थर मिले। चौधरी ने यह प्रतीक देकर पूर्व सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का संकेत दिया।
इसके बाद उन्होंने अपनी सरकार उपलब्धियों की सूची दी कि सड़कों पर डामर चढ़ा, बहनों के खाते भरे, स्कूलों में घंटियां बजीं, गरीबों को घर मिले और युवाओं को न्याय मिला।
चौधरी की कहानी का सबसे तीखा तंज आखिरी पंक्तियों में था, जहां उन्होंने कहा कि डकैत की कहानी वही सुनाता है जिसकी तिजोरी पहले से भरी हो और जिसकी आदत डकैती को शासन समझने की हो।
चौधरी ने भूपेश बघेल को सीधे संबोधित करते हुए लिखा है कि भूपेश जी, कहानी कहने का हुनर आपका पुराना है, पर इस बार वार वहीं जा लगा जहां आप बचाना चाहते थे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अब जनता कहानी नहीं, सच पर भरोसा करती है।
दोनों नेताओं के बीच यह ‘कहानी युद्ध’ सोशल मीडिया पर वायरल है। कहानी की भाषा में बयानबाजी भले हल्की-फुल्की लगे, लेकिन इसके राजनीतिक अर्थ बेहद गंभीर हैं।
भूपेश बघेल गाइडलाइन पर सवाल उठाकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं, तो ओपी चौधरी वित्तीय अव्यवस्था और कामकाज को मुद्दा बनाकर पूर्व सरकार पर निशाना साध रहे हैं। फिलहाल, सोशल मीडिया पर जनता पढ़ भी रही है, मजे भी रही है और दोनों नेताओं की कहानी कला को अपने-अपने नजरिए से समझ भी रही है।

