CG Constable dismissed: दुर्ग 27 दिसंबर 2025। दुर्ग जिले में महिला पर जबरन फिजिकल रिलेशन के लिए दबाव बनाने वाले आरक्षक को एसएसपी विजय अग्रवाल ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। आपको बता आरोपी आरक्षक ने पीड़ित महिला के बेटे को जेल से छुड़ाने के एवज में महिला से शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। इस मामले में पहले ही आरक्षक को सस्पेंड कर उसके खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था। जांच पूरी होने के बाद एसएसपी विजय अग्रवाल ने आरोपी आरक्षक पर अब एक्शन लेते हुए बर्खास्तगी की कार्रवाई की है।
गौरतलब है कि दुर्ग जिले में रहने वाले पीड़ित महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका बेटा पॉक्सो मामले में जेल में बंद है। 18 नवंबर को आरक्षक अरविंद मेंढ़े ने महिला को उसके बेटे को जेल से बाहर निकालने में मदद करने के नाम पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया गया। पीड़िता ने अपने बयान में बताया था के इस डिमांड पर उसने पीरियड होने की बात कहकर शारीरिक संबंध बनाने से मना कर दिय था। महिला के पीरियड होने की बात कहने पर आरक्षक ने महिला का प्राइवेट पार्ट चेक किया गया। महिला के इस गंभीर आरोप के बाद हिंदूवादी संगठन के लोगों ने भिलाई-3 थाने का घेराव कर आरक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
पुलिस की जांच में हुआ आरोपी आरक्षक की करतूूत का खुलासा
पीड़ित महिला के आरोपों के बाद एसएसपी विजय अग्रवाल ने जांच के आदेश दिये थे। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि 18 नवंबर 2025 को आरक्षक मेंढे की ड्यूटी प्रधान आरक्षक रविंद्र भारती के साथ आरोपी की पता-तलाश में लगी थी। जिसकी वापसी शाम 6ः05 बजे हुई। इसके बाद उसी दिन शाम 7ः05 से 7ः56 बजे के बीच उसने अपने मोबाइल से पीड़िता को तीन बार कॉल किया और चरौदा बस स्टैंड बुलाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि पीड़िता का बेटा एक अन्य आपराधिक प्रकरण में जेल में था। आरक्षक मेंढे ने उसे जेल से छुड़वाने का झांसा देकर पीड़िता को प्रलोभन दिया। इस सिलसिले में घटना से पहले 15 अक्टूबर 2025 से 15 बार पीड़िता को कॉल किए गए थे। कॉल डिटेल रिकॉर्ड के विश्लेषण में घटना के समय आरोपी और पीड़िता दोनों की मोबाइल लोकेशन घटनास्थल के आसपास पाई गई।
SSP ने पहले सस्पेंड किया और अब सेवा से बर्खास्त
दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने इस मामले में पहले ही आरोपी आरक्षक को सस्पेंड कर उसके खिलाफ थाने में अपराध दर्ज करने के आदेश दिये थे। थाने में अपराध दर्ज होने के बाद से ही आरोपी आरक्षक फरार चल रहा है। वहीं पुलिस की जांच पूरी होने के बाद अब एसएसपी ने आरक्षक को सेवा से बर्खास्त करने की कार्रवाई की है।
