CG REVENUE CASE : The case was settled 9 months ago, then why did it reach the High Court?
बिलासपुर. बिलासपुर हाईकोर्ट में एक राजस्व मामले की सुनवाई के दौरान ऐसा मामला सामने आया, जिसने अदालत को भी सख्त टिप्पणी करने पर मजबूर कर दिया।
कोर्ट को बताया गया कि जिस राजस्व प्रकरण को लंबित मानकर बिलासपुर संभाग के कमिश्नर को 30 दिन में फैसला करने का निर्देश दिया गया था, उसका फैसला करीब 9 महीने पहले ही हो चुका था।
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दरअसल, सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि कमिश्नर ने 6 अगस्त 2025 को ही इस मामले का निराकरण कर दिया था। आदेश की जानकारी ऑनलाइन रिकॉर्ड में भी दर्ज थी।
लेकिन हाईकोर्ट में सुनवाई के समय यह आदेश अदालत के सामने नहीं रखा गया। ऐसे में कोर्ट ने मामले को लंबित मान लिया और कमिश्नर को 30 दिन के भीतर फैसला करने का निर्देश दे दिया।
बाद में सरकार ने अदालत को बताया कि कमिश्नर का पुराना आदेश सुनवाई के दौरान कोर्ट के संज्ञान में नहीं लाया गया था। याचिकाकर्ता पर भी महत्वपूर्ण तथ्यों को सामने नहीं रखने का आरोप लगाया गया।
हाईकोर्ट ने पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लिया और कहा कि अदालत के सामने सही और संपूर्ण तथ्य रखना बेहद जरूरी है। किसी महत्वपूर्ण तथ्य को छिपाने या अधूरी जानकारी देने से न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होती है और अधिकारियों के सामने भी अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा होती है।
कोर्ट ने राज्य की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं के साथ-साथ दूसरे पक्षों के वकीलों और पक्षकारों को भी सुनवाई के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी।
