BIHAR NEW CABINET PORTFOLIO : Major reshuffle in Nitish government, Home Department handed over to Samrat Chaudhary…
नई दिल्ली/पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण के एक दिन बाद ही बिहार सरकार में विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। सबसे बड़ा फैसला यह है कि इस बार गृह विभाग नीतीश कुमार ने अपने पास रखने के बजाय डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को सौंपा है। 20 साल में यह पहली बार है जब नीतीश कुमार ने गृह विभाग अपने पास नहीं रखा है। अब सम्राट चौधरी राज्य की कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा की कमान संभालेंगे।
बीजेपी के हिस्से में अहम मंत्रालय
बीजेपी कोटे से मंत्री बने वरिष्ठ नेता रामकृपाल यादव को महत्वपूर्ण कृषि मंत्रालय दिया गया है। उद्योग, स्वास्थ्य, नगर विकास, पशुपालन, आपदा प्रबंधन सहित कई बड़े विभाग भी बीजेपी मंत्रियों को मिले हैं।
अब तक कुल 18 मंत्रियों को मिले विभाग
हाल ही शपथ लिए गए 26 मंत्रियों में से फिलहाल 18 को विभाग मिल चुके हैं। शेष मंत्रियों का बंटवारा अभी लंबित है।
कौन मंत्री, कौन सा विभाग – एक नज़र में
सम्राट चौधरी (डिप्टी सीएम) – गृह विभाग
विजय कुमार सिन्हा (डिप्टी सीएम) – भूमि एवं राजस्व, खान एवं भूतत्व विभाग
मंगल पांडे – स्वास्थ्य एवं विधि विभाग
दिलीप जायसवाल – उद्योग विभाग
नितिन नवीन – पथ निर्माण, नगर विकास एवं आवास
रामकृपाल यादव – कृषि विभाग
संजय टाइगर – श्रम संसाधन विभाग
अरुण शंकर प्रसाद – पर्यटन, कला-संस्कृति एवं युवा विभाग
सुरेंद्र मेहता – पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग
नारायण प्रसाद – आपदा प्रबंधन विभाग
रमा निषाद – पिछड़ा एवं अति-पिछड़ा वर्ग कल्याण
लखेंद्र पासवान – अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण
श्रेयसी सिंह – सूचना एवं प्रौद्योगिकी, खेल विभाग
प्रमोद चंद्रवंशी – सहकारिता एवं पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन
एलजेपी (आर) कोटा – गन्ना उद्योग एवं लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण
हम – लघु जल संसाधन विभाग
संतोष सुमन – लघु जल संसाधन विभाग (फिर से)
दीपक प्रकाश – पंचायती राज विभाग
किस पार्टी के कितने मंत्री?
बीजेपी – 14 मंत्री
जेडीयू – 8 मंत्री
एलजेपी (आर) – 2 मंत्री
हम व अन्य – 2 मंत्री
नई सरकार में 1 मुस्लिम, 3 महिला मंत्री और 3 पहली बार जीते विधायक मंत्री बनाए गए हैं।
नीतीश कुमार ने बनाई रिकॉर्ड सरकार
नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर नया रिकॉर्ड बना दिया है। हाल ही संपन्न विधानसभा चुनाव में एनडीए को 202 सीटों के साथ बड़ी जीत मिली, जबकि विपक्षी महागठबंधन को सिर्फ 35 सीटें मिलीं।

