PATAN ELECTION PETITION : Now a big twist in the Patan election case
बिलासपुर, 6 अक्टूबर 2026। पाटन विधानसभा चुनाव परिणाम को चुनौती देने वाली भाजपा सांसद विजय बघेल की चुनाव याचिका में अब अगली तारीख बेहद अहम हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन विधायक भूपेश बघेल की ओर से अतिरिक्त मुद्दे तय करने के लिए दाखिल आवेदन पर हाई कोर्ट में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है। जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच ने अब इस आवेदन पर 13 अक्टूबर को आदेश देने की तारीख तय की है।
RAIPUR VISIT CANCELLED : CEC ज्ञानेश कुमार का रायपुर दौरा ऐन वक्त पर क्यों टला?
सुप्रीम कोर्ट के बाद हाई कोर्ट में नई चाल
भूपेश बघेल की ओर से यह आवेदन 3 अक्टूबर को दाखिल किया गया था। इसका आधार सुप्रीम कोर्ट का 28 सितंबर 2026 का आदेश बताया गया है। आवेदन में दीवानी प्रक्रिया संहिता के आदेश 14 के नियम 1, 2(2) और 5 के साथ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 87 के तहत अतिरिक्त मुद्दे तय करने की मांग की गई है।
सुनवाई के दौरान भूपेश बघेल पक्ष ने मुख्य रूप से चुनाव याचिका की समय-सीमा का सवाल उठाया। उनका तर्क है कि पाटन चुनाव का परिणाम 3 दिसंबर 2023 को घोषित हुआ था और चुनाव याचिका दाखिल करने की 45 दिन की वैधानिक अवधि 17 जनवरी 2024 को खत्म हो गई थी।
दूसरी ओर, याचिका से जुड़े रिकॉर्ड में सत्यापन और शपथपत्र पर 22 जनवरी 2024 की तारीख तथा पंजीयन 24 जनवरी को होने का उल्लेख है। इसी आधार पर समय-सीमा को लेकर आपत्ति उठाई गई है।
पहले भी खारिज हो चुकी है आपत्ति
भूपेश बघेल पक्ष इससे पहले भी चुनाव याचिका को शुरुआती स्तर पर खारिज करने की मांग कर चुका है। हाई कोर्ट ने 17 सितंबर को इस आवेदन को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि सिर्फ पंजीयन की तारीख देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि याचिका समय-सीमा के बाहर थी या नहीं। इसके लिए यह देखना जरूरी होगा कि याचिका वास्तव में कब प्रस्तुत हुई, उस समय कोई कमी थी या नहीं और बाद में कमियां दूर करने का कानूनी असर क्या है।
इससे पहले 15 जून के आदेश में भी कोर्ट ने चुनाव याचिका की पोषणीयता से जुड़े सवाल को शुरुआती स्तर पर खत्म करने से इनकार किया था।
अब 13 अक्टूबर पर नजर
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का 7 अगस्त 2026 का आदेश भी महत्वपूर्ण रहा। उस समय एसएलपी खारिज करते हुए भूपेश बघेल पक्ष को उचित चरण पर चुनाव अधिकरण के सामने अपने सभी तर्क और आपत्तियां रखने की स्वतंत्रता दी गई थी। बाद में 28 सितंबर के आदेश के बाद यही मुद्दा हाई कोर्ट में नए सिरे से उठाया गया।
5 अक्टूबर को विजय बघेल के साक्ष्य दर्ज करने के लिए मामला लगा था। इसी दौरान भूपेश बघेल पक्ष ने नए आवेदन का उल्लेख किया। विजय बघेल की ओर से बताया गया कि आवेदन का जवाब पहले ही दाखिल किया जा चुका है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आवेदन पर आदेश सुरक्षित रख लिया। अब 13 अक्टूबर का दिन तय करेगा कि अतिरिक्त मुद्दे तय होंगे या नहीं और चुनाव याचिका की आगे की सुनवाई किस दिशा में बढ़ेगी।
