बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कांकेर जिले के कई गांवों में पादरियों और धर्मांतरित ईसाइयों के प्रवेश पर लगे प्रतिबंध के खिलाफ दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि प्रलोभन या गुमराह कर जबरन धर्मांतरण रोकने के उद्देश्य से लगाए गए होर्डिंग्स असंवैधानिक नहीं हैं।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ये होर्डिंग्स ग्राम सभाओं द्वारा स्थानीय जनजातीय समुदायों और सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम के रूप में लगाए गए प्रतीत होते हैं।
चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बी.डी. गुरु की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं को सलाह दी कि वे इस मामले में पेसा नियम 2022 के तहत ग्राम सभा या संबंधित अधिकारी के पास जा सकते हैं।

