AMIT BAGHEL: Supreme Court reprimands Amit Baghel
रायपुर। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने उनके अग्रिम जमानत के लिए दायर याचिका को खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया कि जहां-जहां FIR दर्ज हुई है, उन्हें हर राज्य में कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने बघेल की ओर से दर्ज सभी FIR को क्लब करने की मांग को खारिज करते हुए कहा, “आप अपनी ज़ुबान संभालकर रखें। राज्य पुलिस आएगी और आपको अपने-अपने राज्यों में ले जाएगी।” अमित बघेल पिछले 26 दिनों से फरार हैं और उनके खिलाफ 12 राज्यों में FIR दर्ज हैं।
अमित बघेल के वकील ने दावा किया कि उनके बयान गुस्से में दिए गए थे और किसी की भावनाएं आहत करने का इरादा नहीं था। उन्होंने सुझाव दिया कि छत्तीसगढ़ में दर्ज FIR के अलावा अन्य राज्यों के मामले वहीं ट्रांसफर कर दिए जाएं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।
अमित बघेल के खिलाफ कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु सहित कई राज्यों में दर्जनभर से अधिक FIR हैं। उनके विवादित बयान के बाद देशभर में सिंधी और अग्रवाल समाज ने विरोध प्रदर्शन किए और कई शहरों में उनके पुतले फूंके गए।
अमित बघेल ने 27 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति विवाद और अग्रसेन महाराज, सिंधी समाज के ईष्ट देवता झूलेलाल को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि “कौन है अग्रसेन महराज, चोर है या झूठा है, पाकिस्तानी सिंधी क्या जानते हैं।” इस बयान के बाद सामाजिक और राजनीतिक विवाद बढ़ गया।
मूर्ति विवाद के संबंध में, 26 अक्टूबर को रायपुर के VIP चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति से तोड़फोड़ की गई थी। आरोपी मानसिक रूप से बीमार और नशे में था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार किया था। विवाद के बाद मूर्ति दोबारा स्थापित कर दी गई थी।

