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सड़क नहीं होनें के कारण नहीं पहुंच सकी एम्बुलेंस, गर्भवती को खाट से लेजाया जा रहा था अस्पताल..! रास्ते में ही बच्चे को दिया जन्म, क्या यही है गढ़बो नवा छत्तीसगढ़..?

रायपुर/  छत्तीसगढ़ में भले ही सरकार अपने कार्यों को लेकर संतुष्ट है। लेकिन हकीकत यह है कि अभी भी कई इलाकों में सरकार को काम करने की जरुरत है। दरअसल ऐसा इसलिए क्योंकि गुरुवार को प्रसव पीड़ा से तड़पती हुई एक मां ने अपने बच्चे को रास्ते पर खाट में ही जन्म दिया है। जिस समय महिला बच्चे को जन्म दिया, उस वक़्त महिला का पति और उसके परिवार के अन्य सदस्य उसे खाट में डालकर अस्पताल पहुंचा रहे थे। फ़िलहाल जच्चा-बच्चा दोनों ही सुरक्षित बताए जा रहे है।

मामला छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के ओड़गी ब्लॉक के चांदनी बिहारपुर इलाके का है। यहां गर्भवती सविता पंडो की बुधवार की रात से प्रसव पीड़ा हो रही थी। गुरुवार की सुबह पति पतराज पंडो ने एम्बुलेंस कर्मचारियों से संपर्क किया। लेकिन सुगम रास्ता नहीं होने के चलते एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। ऐसे में खाट के माध्यम से लगभग 60 से 70 किमी का पैदल सफर तय कर गर्भवती को ओगड़ी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाने परिजन निकल गए थे। बीच जंगल में बच्चे के जन्म का यह पहला मामला है।

वहीं इस इलाके के ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं से पूरी तरह से वंचित हैं। हालांकि यहां सड़क बनाने के लिए प्रशासन ने पहल जरूर की है। खराब रास्ते के कारण एंबुलेंस सही समय पर नहीं पहुंच पाया और क्षेत्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य सुधारों से भी लाभान्वित नहीं हो पाते हैं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना पर ग्रहण लगा रही है यह प्रशासनिक व्यवस्था। अभी भी इन क्षेत्रों में सरकार को काम करने की जरूरत है ।

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