
बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत से संबंधित ड्रग्स मामले में सिद्धार्थ पिठानी को कोर्ट से झटका लगा है। नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) कोर्ट ने बुधवार को दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह के पूर्व फ्लैटमेट सिद्धार्थ पिठानी की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
कोर्ट ने खारिज की सिद्धार्थ पिठानी की जमानत याचिका
सिद्धार्थ पिठानी की जमानत याचिका खारिज करते हुए एनडीपीएस कोर्ट ने कहा कि उन्हें उनकी याचिका में जमानत देने के लिए तथ्य नहीं मिले हैं।
आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब सिद्धार्थ पिठानी की जमानत अर्जी खारिज हुई हो। इससे पहले भी एक बार सिद्धार्थ पिठानी की जमानत याचिका को खारिज किया जा चुका है। हालांकि सिद्धार्थ पिठानी को उनकी शादी के लिए सीमित समय के लिए पुलिस हिरासत से रिहा कर दिया गया था। सिद्धार्थ पिठानी ने कथित तौर पर 25 जून को शादी की थी।
शादी के लिए पैरोल पर छोड़े गए सिद्धार्थ पिठानी
इससे पहले जून में, मुंबई की एक विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के करीबी और ड्रग मामले के आरोपी सिद्धार्थ पिठानी को 26 जून को होने वाली उनकी शादी के लिए पैरोल दी थी। सिद्धार्थ पिठानी को 10 दिनों की पैरोल दी गई है। शादी के बाद उन्हें दो जून को पुलिस को फिर से आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया था।
ड्रग्स मामले में सिद्धार्थ पिठानी गिरफ्तार
पिछले साल सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े ड्रग मामले में पिठानी को 28 मई को हैदराबाद से नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद पिठानी ने कई आधारों पर जमानत का अनुरोध किया था, जिनमें से एक 26 जून को उनकी शादी थी। हालांकि, पिठानी ने बाद में अपना आवेदन वापस ले लिया और अपनी शादी के लिए अंतरिम जमानत की गुहार लगाई थी। विशेष न्यायाधीश वीवी विदवान ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर और उन्हें 2 जुलाई तक पैरोल पर छोड़ दिया था।
एनसीबी ने कहा था कि पिठानी को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम की धारा 27-ए के तहत राजपूत को नशीले पदार्थ प्राप्त करने में मदद देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जो अवैध यातायात के वित्तपोषण और अपराधियों को शरण देने से संबंधित है।
गौरतलब है कि सुशांत सिंह राजपूत पिछले साल 14 जून को बांद्रा स्थित अपने घर में मृत पाए गए थे। एक्टर की मौत के बाद, एनसीबी ने कुछ व्हाट्सएप चैट के आधार पर फिल्म उद्योग में कथित ड्रग्स के सेवन की जांच शुरू की थी। इस मामले में एनसीबी ने एनडीपीएस एक्ट के तहत कई लोगों को गिरफ्तार किया था और उनमें से ज्यादातर जमानत पर बाहर हैं।