IT STOCKS RALLY : IT stocks rose even after Trump’s shock, what is the reason?
नई दिल्ली। अमेरिका में ग्रीन कार्ड से जुड़े PERM प्रोग्राम से TCS, इंफोसिस, विप्रो और HCLTech समेत आठ कंपनियों को सस्पेंड किए जाने के बावजूद भारतीय आईटी शेयरों में तेजी देखने को मिली। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में निफ्टी IT इंडेक्स 3.31% चढ़कर 28,654.70 पर पहुंच गया। सवाल है कि अमेरिकी कार्रवाई के बाद भी निवेशकों ने आईटी शेयर क्यों खरीदे?
TCS के बयान से मिला भरोसा
TCS ने साफ किया कि PERM प्रोग्राम से सस्पेंशन का उसकी अमेरिकी भर्ती रणनीति और ग्राहकों के साथ कामकाज पर खास असर पड़ने की आशंका नहीं है। कंपनी के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में उसके PERM आवेदन एक अंक में रहे हैं। TCS ने अमेरिका में अगले पांच वर्षों में 15,000 लोगों को नौकरी देने की योजना भी दोहराई।
ध्यान देने वाली बात यह है कि PERM ग्रीन कार्ड की रोजगार आधारित प्रक्रिया का हिस्सा है। इसका मतलब यह नहीं कि सभी H-1B वीजा रद्द हो गए हैं या कंपनियों का अमेरिकी कारोबार बंद हो जाएगा।
TCS के नतीजों ने भी बढ़ाया भरोसा
TCS ने सितंबर तिमाही में 13,884 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो सालभर पहले के मुकाबले करीब 15% ज्यादा है। कंपनी का रेवेन्यू 11.2% बढ़कर 73,188 करोड़ रुपये पहुंच गया। AI से जुड़ा सालाना आधार पर अनुमानित रेवेन्यू भी बढ़कर 3.1 अरब डॉलर हो गया।
गिरावट के बाद खरीदारी
एक दिन पहले बाजार में भारी बिकवाली हुई थी। इसके बाद शुक्रवार को निवेशकों ने आईटी शेयरों में खरीदारी की। हालांकि, तेजी को स्थायी मानना जल्दबाजी होगी। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, अमेरिकी नीतियां और आईटी कंपनियों की आगे की कमाई बाजार की दिशा तय करेंगी।
