HIGH COURT : HC displeased with the state of the district hospital! Asked, “When will the situation improve?”
बिलासपुर. बिलासपुर जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई है। जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट कमिश्नर पलाश तिवारी की निरीक्षण रिपोर्ट पेश हुई, जिसमें अस्पताल की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कई कमियां दर्ज हैं।
चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र ने शासन से सवाल किया कि आखिर इन व्यवस्थाओं को कब तक सुधारा जाएगा। कोर्ट ने कमियों को दूर करने के लिए उठाए जा रहे ठोस कदमों की जानकारी मांगी है।
CG NEWS: तोखन साहू से मिलीं केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर
निरीक्षण रिपोर्ट के मुताबिक पुराने अस्पताल भवन और मातृ-शिशु अस्पताल की दीवारों में सीपेज मिला। इमरजेंसी वार्ड के पीछे पानी भरा था और वहां इस्तेमाल की गई सीरिंज का कचरा भी पाया गया।
रिपोर्ट में अधिकांश एसी और एग्जॉस्ट फैन खराब या बंद मिलने की बात कही गई है। मातृ-शिशु अस्पताल में एनेस्थीसिया विशेषज्ञों के दो पद भी रिक्त मिले।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मरीजों के परिजनों के लिए बर्तन धोने या हाथ-मुंह धोने की अलग व्यवस्था नहीं मिली। रिपोर्ट के अनुसार उन्हें इसके लिए शौचालय का इस्तेमाल करना पड़ रहा था। शौचालयों में गंदगी और दुर्गंध की स्थिति भी दर्ज की गई।
दिव्यांग मरीजों के लिए पर्याप्त रैंप या ढलान की सुविधा नहीं मिली। वहीं एंबुलेंस मार्ग और पिछले गेट के सामने डॉक्टरों व स्टाफ की गाड़ियां खड़ी मिलने से रास्ता बाधित होने की बात भी रिपोर्ट में कही गई।
कोर्ट ने साफ किया कि निरीक्षण रिपोर्ट में सामने आई कमियां सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। शासन को ठोस कदम उठाकर अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार करना होगा।
