RAILWAY PROJECT : Major multitracking project approved for 5 states including Chhattisgarh
रायपुर। छत्तीसगढ़ समेत 5 राज्यों के लिए रेलवे ने बड़ा मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट मंजूर किया है। केंद्र की आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने रेलवे की 3 परियोजनाओं को हरी झंडी दी है। इन पर करीब 10,783 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
इन परियोजनाओं के तहत करीब 656 किमी रेल नेटवर्क बढ़ाया जाएगा। इसका सीधा असर छत्तीसगढ़ समेत पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और मध्यप्रदेश के 14 जिलों पर पड़ेगा।
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बिलासपुर-पेंड्रा रूट को बड़ा फायदा
छत्तीसगढ़ के लिए सबसे अहम फायदा बिलासपुर-उस्लापुर से पेंड्रा रोड और आगे कटनी की तरफ जाने वाले रेल रूट को मिलेगा। ट्रैक की क्षमता बढ़ने से यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों की आवाजाही को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकेगा।
आगे चलकर इससे ट्रेनों की संख्या बढ़ाने, संचालन को समय पर रखने और नए रूट पर ट्रेन चलाने की क्षमता बढ़ सकती है।
4,790 गांवों और 56 लाख लोगों को फायदा
तीनों परियोजनाओं से करीब 4,790 गांवों की 56 लाख आबादी को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
रेलवे के मुताबिक, इन प्रोजेक्ट्स से हर साल करीब 2.7 करोड़ टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी। कोयला, सीमेंट, लौह अयस्क और स्टील की ढुलाई में इसका खास फायदा होगा।
तेल और प्रदूषण में भी कमी
रेल से माल ढुलाई बढ़ने पर सड़क परिवहन पर दबाव कम होगा। रेलवे के अनुमान के मुताबिक करीब 12 करोड़ लीटर तेल की बचत और लगभग 62 करोड़ किलो CO2 उत्सर्जन में कमी हो सकती है।
इन परियोजनाओं को 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और इन्हें पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत तैयार किया गया है।
