CG CONVERSION NEWS: Uproar over religious conversion; heavy police force deployed in the village!
CG CONVERSION NEWS: छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य नारायणपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में धर्मांतरण को लेकर उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. भरण्डा ग्राम पंचायत में हुए बवाल के बाद अब ऐसा ही एक नया और बेहद संवेदनशील मामला खड़कगांव ग्राम पंचायत से सामने आया है. यहां धर्मांतरण से आक्रोशित ग्रामीणों ने मतांतरित हो चुके एक पूरे परिवार को उनके सामान के साथ गांव से बाहर निकाल दिया है. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव का माहौल निर्मित हो गया है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है. फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामले को शांतिपूर्वक शांत कराने के प्रयास में जुटे हुए हैं.
नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित खड़कागांव में धर्मांतरण को लेकर उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।
आदिवासी समुदाय के लोगों ने गांव के एक परिवार पर मूल धर्म छोड़कर दूसरे धर्म को अपनाने का आरोप लगाते हुए उन्हें गांव से बाहर कर दिया। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
इस घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव का माहौल निर्मित हो गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामले को शांतिपूर्वक शांत कराने के प्रयास में जुटे हुए हैं।
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद कई क्षेत्रों में ईसाई धर्म अपनाने वाले लोगों को पुनः मूल धर्म में लाने के अभियान तेज होने की चर्चा है।
इसी क्रम में कई गांवों में सामाजिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई है। कुछ स्थानों पर अंतिम संस्कार और दफन के लिए भूमि को लेकर भी विवाद सामने आ चुके हैं।
धर्मांतरण से जुड़े मामलों को लेकर कानूनी विवाद भी बढ़े हैं और कुछ प्रकरण उच्च न्यायालय तक पहुंच चुके हैं। फिलहाल खड़कागांव में प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।
गांव से निकाले गए मतांतरित परिवार के मुखिया का कहना है कि वह स्वयं कबीर पंथ को विचारधारा का मानता है, जबकि उसके परिवार के कुछ अन्य सदस्य ईसाई धर्म का पालन करते हैं।
उसका आरोप है कि इसी धार्मिक भिन्नता के कारण ग्रामीण उनके साथ भेदभाव कर रहे हैं और जबरन उन्हें उनके ही आशियाने से बेदखल कर रहे हैं।
