RAM MANDIR CONTROVERSY : Ram Temple offerings are not half, but a quarter!
अयोध्या। अयोध्या के राम मंदिर में दानराशि को लेकर चल रहे विवाद का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। जानकारी के मुताबिक, जहां पहले मंदिर को हर महीने करीब 7 करोड़ रुपये का चढ़ावा मिल रहा था, वहीं पिछले 15 दिनों में यह रकम घटकर करीब 1.5 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
दान में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे मंदिर की दानराशि में कथित गड़बड़ी और हेरफेर की जांच को वजह माना जा रहा है। हालांकि मंदिर ट्रस्ट लगातार दावा कर रहा है कि दान संग्रह और उसकी गिनती पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से की जाती है।
इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मामले पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास चंदा चोरी या गड़बड़ी के सबूत हैं तो वे एसआईटी को सौंपें। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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सीएम योगी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि राम मंदिर और अयोध्या को बदनाम करने की साजिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि 500 साल के संघर्ष के बाद राम मंदिर बना है और इसकी गरिमा से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
उधर, एसआईटी की जांच लगातार चौथे दिन भी जारी रही। जांच टीम ने ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों से दान में मिले जेवरात, नकदी रिकॉर्ड और अन्य कीमती वस्तुओं का हिसाब मांगा है। सूत्रों के मुताबिक, जांच में कुछ रिकॉर्ड्स को लेकर सवाल भी उठे हैं।
गुरुवार को ट्रस्ट पदाधिकारी अनिल मिश्रा से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की गई। वहीं चंपत राय और अन्य पदाधिकारियों से भी कई अहम सवाल पूछे गए। जांच एजेंसियां अब 2021 से अब तक ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीनों के दस्तावेज भी खंगाल रही हैं।
सूत्रों का दावा है कि कुछ जमीनों की खरीद कीमत और बाजार मूल्य के बीच बड़े अंतर को लेकर भी जांच की जा रही है। फिलहाल एसआईटी की पड़ताल जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।
