Focus on understanding science rather than rote memorization: Dr. Wagh
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की ओर से संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में अभनपुर के चिकित्सक और महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासद डॉ. चंद्रकांत वाघ ने विज्ञान की पढ़ाई के लिए शिक्षकों का मार्गदर्शन किया और बच्चों की पढ़ाई के लिए स्कूल को सूक्ष्मदर्शी यंत्र भेंट किया। वैसे भी संत ज्ञानेश्वर स्कूल खुलने से पहले शिक्षकों के लिए आवश्यक मार्गदर्शन क्लासेस लगाए जा रहे हैं।
स्कूल के उपप्राचार्य राहुल वोड़ितेलवार ने बताया कि डॉ. चंद्रकांत वाघ ने शिक्षकों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उनका मार्गदर्शन किया। विज्ञान की अध्यापिका दीपन्विता सेन के प्रश्न ‘विज्ञान को पढ़ने- पढ़ाने में रोचक कैसे बनाएं’, का उत्तर देते हुए चंद्रकांत बाघ ने कहा हमें विज्ञान याद न करते हुए समझाने पर जोर देना चाहिए। बच्चे इसे समझेंगे, तो ज्यादा अच्छे से उत्तर लिख पाएंगे।
शिक्षिका आराधना लाल के प्रश्न ‘सामाजिक मूल्यों का अवमूल्यन हो रहा है, इसे कैसे रोका जाए’, पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हमें अपने आसपास के वातावरण और व्यवहार में शालीनता लानी चाहिए, जिसे देखकर विद्यार्थी सामाजिक मूल्य सीखें। शिक्षिका मेघा जैन के प्रश्न ‘विद्यार्थियों का सही संतुलित भोजन कैसा होना चाहिए’ के उत्तर में डॉ. वाघ ने संतुलित भोजन का संपूर्ण चार्ट सबको समझाया। शिक्षिका वंदना व प्रतीक्षा मैडम के प्रश्नों का भी उत्तर देते हुए बच्चों को समझाने पर जोर देना चाहिए, न कि उन पर याद करने की प्रवृत्ति डालनी चाहिए।
इस अवसर पर डॉ. वाघ ने विद्यालय को सूक्ष्मदर्शी यंत्र भेंट किया। इससे विज्ञान के छात्रों व शिक्षकों, दोनों का ही लाभ होगा और उन्हें प्रयोग विज्ञान की शिक्षा देने में सहयोग मिलेगा। इससे पूर्व कार्यक्रम के प्रारंभ में विद्यालय के प्राचार्य मनीष गोवर्धन, उप प्राचार्य राहुल वोड़ितेलवार ने डॉ. वाघ का सूत माला से स्वागत करते हुए विद्यालय की ओर से उन्हें स्मृति चिन्ह दिया।

