SUPREME COURT ORDER : Bail decision no longer a “date after date” – SC
नई दिल्ली। देश की अदालतों में सालों से केस लटके पड़े हैं और लोगों को सिर्फ अगली तारीख मिलती रहती है। अब इस सिस्टम पर खुद सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है। कोर्ट ने साफ कहा है कि फैसला सुरक्षित रखने के बाद उसे महीनों तक दबाकर नहीं रखा जा सकता।
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सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाई कोर्ट्स के लिए नई गाइडलाइन जारी करते हुए कहा है कि सामान्य मामलों में रिजर्व फैसला ज्यादा से ज्यादा 3 महीने के भीतर सुनाना होगा। सबसे बड़ा निर्देश बेल और व्यक्तिगत आजादी से जुड़े मामलों को लेकर दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में देरी सीधे नागरिकों के अधिकारों पर असर डालती है।
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अब बेल याचिकाओं पर फैसला उसी दिन या ज्यादा से ज्यादा अगले कार्यदिवस तक सुनाने को कहा गया है। साथ ही आदेश देने के 7 दिन के भीतर उसे हाई कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड करना भी जरूरी होगा।
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सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि हर हाई कोर्ट लंबित रिजर्व फैसलों का रिकॉर्ड रखे और समय-समय पर उसकी समीक्षा करे। दरअसल कई मामलों में सुनवाई पूरी होने के बाद भी महीनों तक आदेश नहीं आने पर सवाल उठ रहे थे। अब कोर्ट ने साफ संदेश दे दिया है कि न्याय में देरी अब बर्दाश्त नहीं होगी।

