CHHATTISGARH : No relief to close associate of mastermind in coal levy scam
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला लेवी घोटाले में बड़ा अपडेट सामने आया है। बिलासपुर हाई कोर्ट ने मास्टरमाइंड सूर्यकांत तिवारी के करीबी देवेंद्र डडसेना की जमानत याचिका सीधे खारिज कर दी है।
कोर्ट ने साफ कहा कि ये कोई मामूली केस नहीं, बल्कि गंभीर आर्थिक अपराध है, जो समाज और देश की अर्थव्यवस्था दोनों को नुकसान पहुंचाता है। ऐसे मामलों में जमानत देने से पहले बेहद सावधानी जरूरी है।
जांच में सामने आया है कि 2020 से 2022 के बीच कोयला परिवहन के नाम पर बड़ा खेल चला। प्रति टन 25 रुपए की अवैध वसूली कर करीब 540 करोड़ रुपए का नेटवर्क खड़ा कर दिया गया। इस पूरे सिंडिकेट में अफसर, कारोबारी और कई बड़े नाम जुड़े होने की बात सामने आई है।
देवेंद्र डडसेना पर आरोप है कि वह इस पूरे रैकेट का अहम हिस्सा था और वसूली की रकम को लेने-बांटने का काम संभालता था। जांच एजेंसियों के पास डायरी, गवाह और लेन-देन के सबूत भी हैं, जिसमें करीब 52 करोड़ रुपए के ट्रांजेक्शन का जिक्र है।
हैरानी की बात ये भी है कि इस नेटवर्क के लिए WhatsApp पर कोडवर्ड वाले ग्रुप बनाए गए थे, जहां पूरी बातचीत गुप्त तरीके से होती थी।
कोर्ट ने ये भी माना कि अगर आरोपी को जमानत दी गई तो वह सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है या गवाहों को प्रभावित कर सकता है। इसी आधार पर जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
अब इस केस में पहले से ही कई IAS अफसर, नेता और कारोबारी जांच के दायरे में हैं, जिससे मामला और ज्यादा हाई प्रोफाइल हो गया है।
