US-Israel-Iran War: After Khamenei’s death, who will become the new ‘Supreme Leader’? Even the US and Israel are perplexed.
तेहरान: ईरान की शक्तिशाली ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ (विशेषज्ञों की सभा) ने दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई (56) को देश का नया सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) नियुक्त कर दिया है। यह निर्णय 4 मार्च 2026 को एक आपातकालीन बैठक के बाद लिया गया, जिससे ईरान में दशकों पुराने नेतृत्व का उत्तराधिकार अब अगली पीढ़ी के पास चला गया है।
अमेरिका-इजरायल के हमले में हुई थी खामेनेई की मौत
यह महत्वपूर्ण घटनाक्रम 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए एक संयुक्त हवाई हमले के बाद सामने आया है, जिसमें अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इस हमले ने न केवल ईरान के शीर्ष नेतृत्व को खत्म कर दिया, बल्कि मध्य पूर्व में तनाव को एक नए और खतरनाक स्तर पर पहुंचा दिया।
कैसे हुआ चुनाव?
आपात बैठक: अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद ईरान में पैदा हुए नेतृत्व के शून्य को भरने के लिए 88 सदस्यीय ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ने गुप्त मतदान किया।
मोजतबा खामेनेई को लंबे समय से पर्दे के पीछे से सत्ता चलाने वाला माना जाता था। उनके इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के साथ बेहद करीबी रिश्ते हैं, जिन्होंने उनके चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
विरासत और विवाद
यह पहली बार है जब ईरान के इस्लामी गणराज्य में नेतृत्व का हस्तांतरण पिता से पुत्र को हुआ है, जिसे कई विशेषज्ञ देश की व्यवस्था में एक बड़े बदलाव के रूप में देख रहे हैं।मोजतबा खामेनेई कौन हैं?
मोजतबा खामेनेई, अयातुल्ला अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं। हालांकि उन्होंने कभी कोई सार्वजनिक आधिकारिक पद नहीं संभाला, लेकिन वे अपने पिता के कार्यालय (बेत-ए-खामेनेई) में खुफिया और सुरक्षा मामलों की देखरेख करते थे। उन्हें एक कट्टरपंथी नेता माना जाता है, जो सैन्य और सुरक्षा तंत्र पर मजबूत पकड़ रखते हैं।
ईरान के लिए आगे क्या?
मोजतबा के सामने सबसे बड़ी चुनौती अमेरिका और इजरायल के साथ जारी युद्ध जैसी स्थिति से निपटना और देश के भीतर संभावित विरोध को शांत करना है। वर्तमान में ईरान में 40 दिनों के शोक की घोषणा की गई है।

