जगदलपुर। कभी हाथों के सहारे रेंगकर चलने को मजबूर मासूम प्रवीण नूरेटी आज मुस्कुरा रहा है। उसकी आंखों में खुशी की चमक है, क्योंकि अब उसके सपनों को पंख मिल चुके हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक भावुक वीडियो ने पूरे प्रदेश का ध्यान खींचा और छत्तीसगढ़ शासन के वन मंत्री एवं नारायणपुर विधायक केदार कश्यप ने त्वरित संज्ञान लेते हुए संवेदनशीलता की मिसाल पेश की।
नारायणपुर जिले के सोनपुर बांधपारा निवासी प्रवीण नूरेटी, पिता राजेंद्र नूरेटी, जन्म से ही दिव्यांग है और चलने में असमर्थ है। पहली कक्षा में पढ़ने वाला यह मासूम अपने दोस्तों के साथ बाजार जाने और बाहर की दुनिया देखने का सपना संजोए हुए था, लेकिन शारीरिक असमर्थता उसके रास्ते में दीवार बनकर खड़ी थी। जब उसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, तो लोगों की आंखें नम हो गईं।
वीडियो सामने आते ही वन मंत्री केदार कश्यप ने जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग को तत्काल निर्देश दिए। नतीजा यह रहा कि मात्र 24 घंटे के भीतर मासूम प्रवीण को व्हीलचेयर और ट्राइसाइकिल उपलब्ध करा दी गई। सहायता मिलने के बाद प्रवीण के चेहरे पर लौटी मुस्कान और आंखों की चमक हर किसी को भावुक कर गई।
इस संवेदनशील पहल से प्रवीण के परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों ने मंत्री केदार कश्यप का आभार जताते हुए कहा कि यह मदद उनके बच्चे के लिए नई जिंदगी जैसी है।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सरकार का कर्तव्य है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचे।
उन्होंने कहा, “किसी मासूम की पीड़ा को अनदेखा नहीं किया जा सकता। प्रवीण जैसे बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना साय सरकार की जिम्मेदारी है और उनकी हर संभव सहायता के लिए हम सदैव तत्पर रहेंगे।”

उल्लेखनीय है कि सोनपुर गांव नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आता है, जहां कभी लोग जाने से डरते थे। आज वही इलाका विकास की नई कहानी लिख रहा है। सड़क, बिजली, नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ अब मानवीय संवेदनाएं भी सरकार की प्राथमिकता बन रही हैं।
यह पूरी घटना सिर्फ एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक मासूम के सपनों को साकार करने की कहानी है, जो यह साबित करती है कि संवेदनशील सरकार और जागरूक समाज मिलकर असंभव को भी संभव बना सकते हैं।

